विदेश की खबरें | पाकिस्तान : अदालत ने नाबालिग साबित होने पर भी हिंदू लड़की को आश्रय गृह से जाने की अनुमति नहीं दी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. पाकिस्तान के सिंध प्रांत की अदालत ने चिकित्सा जांच में हिंदू लड़की के 16 साल के होने, जबरन अपहरण कर धर्मांतरण करा विवाह कराने की पुष्टि होने के बावजूद आश्रय गृह छोड़कर अपने माता-पिता के साथ जाने की अनुमति नहीं दी।
कराची, 27 अक्टूबर पाकिस्तान के सिंध प्रांत की अदालत ने चिकित्सा जांच में हिंदू लड़की के 16 साल के होने, जबरन अपहरण कर धर्मांतरण करा विवाह कराने की पुष्टि होने के बावजूद आश्रय गृह छोड़कर अपने माता-पिता के साथ जाने की अनुमति नहीं दी।
लड़की का दो महीने पहले सिंध प्रांत के हैदराबाद से अपहरण हुआ था और बरामद होने के बाद अदालत के आदेश पर उसे 20 अक्टूबर को आश्रय गृह भेज दिया गया था।
अदालत ने लड़की की उम्र का पता लगाने के लिए चिकित्सा जांच कराने का आदेश दिया था क्योंकि उसके कथित पति ने निकाहनामा पेश किया था जिसमें उसकी उम्र 19 साल दर्ज की गई है।
चिकित्सा जांच में लड़की के 16 साल की नाबालिग होने की पुष्टि हुई।
अदालत ने बृहस्पतिवार को व्यवस्था दी कि लड़की 31 अक्टूबर को मामले की अगली सुनवाई तक स्थानीय प्रशासन की देखरेख में आश्रय गृह में ही रहेगी क्योंकि इस मामले पर और विचार करने की जरूरत है।
आरोप के मुताबिक लड़की अपनी बड़ी बहन के साथ मिल में काम करती है और 12 अगस्त को जब काम कर वापस लौट रही थी तब हैदराबाद के फतेह चौक के पास चार लोगों ने उसका अपहरण कर लिया।
शिकायत के मुताबिक लड़की का जबरन इस्लाम में धर्म परिवर्तन कराया गया और अपहरणकर्ताओं में से एक से निकाह करा दिया गया।
लड़की के माता-पिता और उनके वकील के मुताबिक सितंबर तक पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की और मानवाधिकार अधिकारी उसे बलूचिस्तान सूबे से बरामद कर हैदराबाद वापस लाए।
लड़की आश्रय गृह में है क्योंकि उसके कथित पति ने पीड़िता के माता-पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
गौरतलब है कि सिंध प्रांत के अंदरुनी हिस्सों में युवा हिंदू लड़कियों का अपहरण व जबरन धर्मांतरण बड़ी समस्या है। सूबे के थार, उमरकोट, मीरपुरखास, घोटकी और खैरपुर में बड़ी हिंदू आबादी रहती है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)