कराची, 30 जून पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज पर हुए हमले की जिम्मेदारी लेते हुए प्रतिबंधित अलगाववादी समूह बलुचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने कहा है कि शेयर बाजार पर हमले का लक्ष्य पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और चीन को निशाना बनाना था।
बलुचिस्तान लिबरेशन आर्मी का कहना है कि उसने बलुचिस्तान क्षेत्र में चीन की दखलअंदाजी के कारण उसको निशाना बनाया।
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हथियारों से लैस चार उग्रवादियों ने सोमवार को पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज भवन पर हमला कर उसे कब्जा करने का प्रयास किया। घटना में तीन सुरक्षा गार्ड और एक पुलिसकर्मी मारे गए। बाद में सुरक्षा बलों ने हमलावरों को मार गिराया।
हमले के बाद बीएलए ने मीडिया को भेजे एक ईमेल में इसकी पुष्टि की है कि उसके माजीद ब्रिगेड ने यह हमला किया है। उसने चारों उग्रवादियों की तस्वीरें भी पोस्ट की हैं।
सोमवार देर शाम जारी एक संदेश में बीएलए ने कहा कि इस हमले का लक्ष्य पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और चीन पर हमला करना था क्योंकि वह बलुचिस्तान में दखलअंदाजी कर रहा है।
पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज में चीनी कंपनियों का भारी निवेश है और इससे उनके हित जुड़े हुए हैं।
सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि बीएलए के माजीद ब्रिगेड का गठन 2011 में हुआ और उसका नाम पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फीकार अली भुट्टो के एक अंगरक्षक के नाम पर रखा गया है, जिसने भुट्टो की हत्या का प्रयास किया था, लेकिन असफल रहा था।
सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि अफगानिस्तान में माजीद ब्रिगेड की उपस्थिति के बारे में सभी जानते हैं।
सूत्र ने बताया, ‘‘यह एक आत्मघाती दस्ता है, जो सुरक्षा बलों, प्रतिष्ठानों और पाकिस्तान में चीनी हितों को निशाना बनाने का काम करता है।’’
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