देश की खबरें | प. बंगाल सरकार तीन महीने में कर्मचारियों के बकाया महंगाई भत्ते के 25 प्रतिशत का भुगतान करे:न्यायालय

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल सरकार से कहा कि वह अपने कर्मचारियों को अगले तीन महीने में बकाया महंगाई भत्ते (डीए) के 25 प्रतिशत का भुगतान करे।

नयी दिल्ली, 16 मई उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल सरकार से कहा कि वह अपने कर्मचारियों को अगले तीन महीने में बकाया महंगाई भत्ते (डीए) के 25 प्रतिशत का भुगतान करे।

इस मुद्दे पर कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति संजय करोल और संदीप मेहता की पीठ ने राज्य सरकार से कहा कि वह तीन महीने के भीतर 2009 से 2019 तक के डीए बकाया का भुगतान करे।

शीर्ष अदालत के अंतरिम आदेश से राज्य के करीब छह लाख कर्मचारियों को लाभ होगा।

राज्य सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने पीठ को बताया कि राजकोष पर 10,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

वकीलों के अनुसार, डीए का कुल बकाया करीब 41,000 करोड़ रुपये है। पीठ अब संबंधित याचिका पर अगस्त में सुनवाई करेगी।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब पश्चिम बंगाल सरकार के कर्मचारियों के एक वर्ग ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और लंबित बकाया के साथ केंद्र सरकार के समकक्षों के समान दर पर डीए की मांग की।

उच्च न्यायालय ने मई 2022 में कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाया और राज्य को अपने डीए को केंद्रीय दरों के साथ संरेखित करने का निर्देश दिया।

हालांकि, पश्चिम बंगाल सरकार ने नवंबर 2022 में शीर्ष अदालत में अपील दायर करके उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी। तब से, राज्य सरकार ने डीए में केवल मामूली वृद्धि लागू की है, जो केंद्र सरकार की दरों के साथ तालमेल नहीं रखती है।

अप्रैल 2025 के वेतनमान के अनुसार, केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 55 प्रतिशत डीए मिलता है, जबकि पश्चिम बंगाल के उनके समकक्षों को केवल 18 प्रतिशत मिलता है। इसमें हाल ही में की गयी चार प्रतिशत की बढ़ोतरी शामिल है।

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