देश की खबरें | अनाज मंडी की फैक्टरी में आग में नाबालिगों समेत 40 से अधिक लोग मारे गए थे, अदालत को बताया गया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली की अदालत को बुधवार को सूचित किया गया कि यहां अनाज मंडी की एक फैक्टरी में दिसंबर 2019 में लगी आग में कई नाबालिग सहित 40 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी, जहां बिना सुरक्षा सावधानियों के अवैध रूप से अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री का भंडारण किया गया था।
नयी दिल्ली, 11 जनवरी दिल्ली की अदालत को बुधवार को सूचित किया गया कि यहां अनाज मंडी की एक फैक्टरी में दिसंबर 2019 में लगी आग में कई नाबालिग सहित 40 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी, जहां बिना सुरक्षा सावधानियों के अवैध रूप से अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री का भंडारण किया गया था।
दिल्ली पुलिस ने 10 जनवरी को अपनी स्थिति रिपोर्ट में अदालत को सूचित किया कि 45 मृतकों में से नौ नाबालिग थे। जान गंवाने वालों में सबसे छोटा 12 वर्ष का था। इसके साथ छह बच्चों को चोटें भी आई थीं। मामले में याचिकाकर्ता गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) बचपन बचाओ आंदोलन के वकील ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने 8 दिसंबर, 2019 को तड़के हुई घटना में मारे गए लोगों की सूची में बच्चों की मौजूदगी की पुष्टि की है।
मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने कहा कि वह उस एनजीओ की याचिका पर उचित आदेश पारित करेगी, जिसने त्रासदी के बाद उच्च न्यायालय का रुख किया और बाल तस्करी तथा बाल श्रम के पहलुओं के आधार पर इस घटना की जांच के लिए अधिकारियों को निर्देश देने का अनुरोध किया था।
पुलिस ने कहा कि मौत झुलसने या दम घुटने के कारण हुई और जांच के बाद, इमारत के मालिक और प्रबंधक सहित आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और किशोर न्याय अधिनियम के तहत आरोप पत्र दायर किया गया। निचली अदालत के समक्ष आरोप तय करने के लिए मामला तय किया गया था।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील प्रभासहाय कौर ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है, लेकिन बाल श्रम के खिलाफ कानून का इस्तेमाल नहीं किया। वकील ने कहा कि अधिकारियों ने कई मौकों पर अदालत को आश्वासन दिया है कि वे हर महीने 500 बाल श्रमिकों को छुड़ाएंगे।
दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि बाल श्रम के खिलाफ कानून एक सामाजिक कल्याण कानून है और अधिकारियों को इसे लागू करने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। वकील ने कहा कि अग्निशमन विभाग भी कार्यवाही के लिए एक महत्वपूर्ण पक्ष है।
अदालत ने पीड़ित परिवारों को मुआवजे के भुगतान के बारे में पूछताछ की। अदालत ने कहा कि वह उचित आदेश पारित करेगी। दिल्ली पुलिस ने अपनी स्थिति रिपोर्ट में कहा कि इमारत में की जा रही गतिविधियां ‘‘पूरी तरह से अवैध’’ थीं और परिसर में बहुत भीड़ थी और निकास का कोई निर्बाध रास्ता नहीं था।
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