जरुरी जानकारी | एमएसएमई क्षेत्र की समस्याओं पर ध्यान देगा 170 संघों का संगठन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. महामारी से बुरी तरह प्रभावित सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र की समस्याओं से निपटने के उद्देश्य से करीब 170 उद्योग संघों ने मिलकर ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ एमएसएमई (एआईसीए) का गठन किया है।
नयी दिल्ली, 21 जून महामारी से बुरी तरह प्रभावित सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र की समस्याओं से निपटने के उद्देश्य से करीब 170 उद्योग संघों ने मिलकर ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ एमएसएमई (एआईसीए) का गठन किया है।
एआईसीए ने एक बयान में कहा कि कोविड-19 महामारी से देश के हर उद्योग पर असर पड़ा है और एमएसएमई बार-बार लगाए गए लॉकडाउन की वजह से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
इसमें कहा गया कि कार्यबल से लेकर कच्ची सामग्री की कीमतों तक तमाम चीजों की वजह से एमएसएमई के अस्तित्व पर चुनौती पैदा होती रही है।
बयान के अनुसार, "एआईसीए ने आज घोषणा की कि 170 उद्योग संघों ने भारत भर के दो लाख एमएसएमई के सामने कोविड के बाद आयी समस्याओं पर ध्यान देने के लिए हाथ मिलाया है।"
एमएसएमई क्षेत्र देश में कुल रोजगार में करीब 30 प्रतिशत का योगदान देता है और भारत की कुल जीडीपी में भी उसका इससे कुछ अधिक का योगदान है।
बयान में कहा गया, "हम भारत सरकार द्वारा पहली बार लॉकडाउन लगाए जाने के बाद से एक मुख्य संगठन के तहत इन सभी संघों को जोड़ने पर काम करते आ रहे थे। हम बिंदुओं पर ध्यान देने और समस्याओं से निपटने के लिए संबंधित मंत्रालयों के साथ सिफारिशों का मसौदा साझा करेंगे।"
एआईसीएस की कोर समिति के सदस्यों में कोडिसिया (कोयंबटूर जिला लघु उद्योग संघ) के अध्यक्ष एम वी रमेश बाबू, अराइज के चैयरमैन योगेश पवार और सिएमा (सदर्न इंडिया इंजीनियरिंग मैन्युफैक्चरर्स एसोसियेशन) के अध्यक्ष के वी कार्तिक शामिल हैं।
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