ताजा खबरें | विपक्ष कोविड-19 महामारी प्रबंधन को लेकर गलत विमर्श बनाने की कोशिश कर रहा है : पुरी
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नयी दिल्ली, 20 जुलाई केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को राज्यसभा में आरोप लगाया कि विपक्ष कोविड-19 महामारी के प्रबंधन को लेकर गलत विमर्श बनाने की कोशिश कर रहा है।
आवास एवं शहरी कार्य मंत्री पुरी ने ‘‘देश में कोविड-19 महामारी का प्रबंधन, टीकाकरण का कार्यान्वयन और संभावित तीसरी लहर को देखते हुए नीति और चुनौतियां’’ विषय पर उच्च सदन में अल्पकालिक चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि हमारा शत्रु कोरोना वासरस है, न कि सरकार या किसी राज्य के मुख्यमंत्री। उन्होंने कहा कि सदन में इस विषय पर चर्चा के दौरान गलत विमर्श बनाने की कोशिश की गयी और सरकार पर गलत आरोप लगाए गए।
पुरी ने कहा कि किसी भी भारतीय की मृत्य दुखद है-चाहे मृत्यु कोविड की वजह से हो या किसी अन्य वजह से। उन्होंने कहा कि सरकार पर आरोप लगाए गए कि कोरोना के शुरूआती मामले सामने के बाद उसने बीमारी पर काबू के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि बीमारी की शुरुआत के समय वह नागर विमानन मंत्री थे और शुरुआती दौर में ही बाहर से आने वाली उड़ानों पर रोक लगा दी गयी थी ताकि देश में इसका प्रसार नहीं हो सके।
पुरी ने सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले साल जब देश में लॉकडाउन लगाया गया था, उस समय देश में मास्क, वेंटिलेटर, पीपीई किट आदि का उत्पादन नहीं होता था। लेकिन सरकार के विभिन्न कदमों की वजह से आज देश इनका निर्यात कर रहा है।
उन्होंने विपक्षी नेताओं पर गलतबयानी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें पहले तथ्यों की जांच कर लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के गिन-चुने देशों में से एक है जहां कोविड टीकों का उत्पादन हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब सरकार ने टीका बनाने वाली भारतीय कंपनी भारत बायोटेक को शुरूआती मंजूरी दी थी, उस समय भी विपक्ष के कुछ नेताओं ने आपत्ति जतायी थी।
पुरी ने कहा कि कांग्रेस के नेता टीकों की उपलब्धता को लेकर सवाल कर रहे थे, जबकि राजस्थान में टीका बर्बाद हो रहा था वहीं पंजाब में मुनाफाखोरी हो रही थी। उन्होंने कहा कि सरकार को घरेलू उत्पादन के अलावा अंतरराष्ट्रीय संधियों का भी पालन करना होता है। उन्होंने कहा कि हम अपनी विशेषज्ञता भी विभिन्न देशों के साथ साझा कर रहे हैं।
टीकों को लेकर केंद्र-राज्य गतिरोध के संदर्भ में पुरी ने कहा कि दो राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने कहा था कि केंद्र को टीकों की खरीद नहीं करनी चाहिए और राज्य को टीके खरीदने चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री इससे सहमत हुए लेकिन राज्य खरीद नहीं कर सके और केंद्र को आगे आना पड़ा।
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