ताजा खबरें | विपक्षी सदस्यों ने बहुदलीय व्यवस्था को बरकरार रखने पर जोर दिया
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नयी दिल्ली, नौ दिसंबर बीजू जनता दल, कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के सदस्यों ने देश में बहुदलीय व्यवस्था बरकरार रखने पर जोर देते हुए शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि कई राजनीतिक दलों के होने से ही लोकतंत्र जीवंत बना रहेगा।
भाजपा सांसद गोपाल शेट्टी द्वारा लाए गए गैर सरकारी विधेयक ‘जन प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक, 2019 (धारा 29एए को जोड़ना)’ पर चर्चा में भाग लेते हुए कि बीजू जनता दल के भर्तृहरि महताब ने कहा कि इस विधेयक के पीछे छिपा हुआ एजेंडा बहुदलीय व्यवस्था का विरोध करना है। उन्होंने कहा कि सदस्य कह रहे हैं कि राजनीतिक दलों की संख्या सीमित करिये, क्या जीवंत लोकतंत्र में यह सही है?
उन्होंने कहा कि भाजपा के लोकसभा में कभी दो सदस्य होते थे और आज 300 से अधिक सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि मुद्दा यह है कि लोकतंत्र में जनता को फैसला करने दीजिए, इसे बाधित न करें ।
महताब ने कहा, ‘‘मेरा आग्रह यह होगा कि किसी भी तरह से बहुदलीय व्यवस्था को बाधित नहीं किया जाए, क्योंकि इस तरह की व्यवस्था से ही हमारा लोकतंत्र 75 वर्षों से जीवंत है।’’
वहीं, कांग्रेस के अब्दुल खालिक ने कहा कि अगर यह गैर सरकारी विधेयक पारित हो जाता है, तो देश में तानाशाही बढ़ जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘विविधता हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। इसका हर क्षेत्र में सम्मान होना चाहिए।’’
खालिक ने कहा कि राजनीतिक दलों के संदर्भ में जनप्रतिनिधित्व कानून में जो व्यवस्था है, वो उचित है।
दूसरी ओर, बहुजन समाज पार्टी के दानिश अली ने दावा किया कि चुनावी बॉन्ड भ्रष्टाचार का जरिया बन गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार देश में एक दलीय व्यवस्था लाना चाहती है, इसलिए इस तरह का विधेयक लाया जा रहा है।
अली ने कहा कि चुनाव सुधार को लेकर सरकार एक समग्र विधेयक लेकर आए।
भाजपा सांसद गोपाल शेट्टी ने कहा कि राजनीतिक दल वादा करते हैं और अगर पूरा नहीं करते हैं तो उनकी मान्यता रद्द की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकलुभावन वादों करने पर अंकुश लगाने की जरूरत है।
भाजपा के मनोज कोटक ने कहा कि उन दलों की मान्यता को लेकर विचार करने की जरूरत है, जो लोकलुभावन वादे करते हैं, लेकिन उन वादों को पूरा नहीं करते।
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