देश की खबरें | कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष ने ‘हनी ट्रैप’ आरोपों की न्यायिक जांच की मांग की

बेंगलुरु, 21 मार्च भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) ने शुक्रवार को कर्नाटक विधानसभा में हंगामा किया और एक मंत्री तथा अन्य नेताओं से जुड़े कथित ‘हनी ट्रैप’ प्रयास की न्यायिक जांच उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कराने की मांग की।

विपक्षी दलों भाजपा और जद (एस) के सदस्य आसन के करीब आ गए और हाथ में सीडी लेकर नारेबाजी करने लगे, जबकि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने उन्हें उच्च स्तरीय जांच का आश्वासन दिया।

सहकारिता मंत्री के.एन. राजन्ना ने बृहस्पतिवार को विधानसभा को सूचित किया था कि उन्हें मोहपाश में फंसाने (हनी ट्रैप) की कोशिश की गई थी और विभिन्न दलों के कम से कम 48 नेता इसी तरह की साजिशों का शिकार हुए हैं।

इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा कि किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो तथा सरकार निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘राजन्ना ने उन्हें हनी ट्रैप में फंसाने की कोशिश के बारे में बात की है। गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने पहले ही जवाब देते हुए कहा है कि उच्च स्तरीय जांच की जाएगी। राजन्ना को शिकायत दर्ज करने दें। जिन्होंने कानून का उल्लंघन किया है, उन्हें तदनुसार दंडित किया जाना चाहिए।’’

सिद्धरमैया ने आश्वासन दिया कि ‘हनी ट्रैप’ के प्रयास के पीछे जो लोग हैं, उनकी पहचान करने के लिए जांच की जाएगी।

हालांकि, विपक्ष ने मांग की कि सरकार जांच की प्रकृति को स्पष्ट करे और मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश की अगुवाई में जांच पर जोर दिया।

मांगों के लिए लगातार जोर डाले जाने पर सिद्धरमैया ने पूछा, ‘‘जब हमने पहले ही उच्च स्तरीय जांच का आश्वासन दिया है और आपके सुझावों पर विचार करने का वादा किया है, तो आप और क्या चाहते हैं? परमेश्वर और मैं चर्चा करेंगे तथा निर्णय लेंगे।’’

जैसे ही मुख्यमंत्री ने बजट चर्चा पर अपना जवाब देना शुरू किया, भाजपा और जद (एस) के सदस्य आसन के करीब आ गए और ‘हनी-ट्रैप सरकार मुर्दाबाद’ और ‘मंत्री राजन्ना को बचाओ’ जैसे नारे लगाने लगे।

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