देश की खबरें | कोविड-19 ड्यूटी पर तैनात किय गए डॉक्टरों को ही मिल सकता है बीमा योजना का लाभ: केन्द्र
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केन्द्र सरकार ने शुक्रवार को बंबई उच्च न्यायालय को बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 50 लाख रुपये के बीमा कवर में केवल उन्हें निजी डॉक्टरों को शामिल किया गया है, जिन्हें सरकारी अस्पतालों ने कोविड-19 ड्यूटी पर तैनात किया है।
मुंबई, आठ जनवरी केन्द्र सरकार ने शुक्रवार को बंबई उच्च न्यायालय को बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 50 लाख रुपये के बीमा कवर में केवल उन्हें निजी डॉक्टरों को शामिल किया गया है, जिन्हें सरकारी अस्पतालों ने कोविड-19 ड्यूटी पर तैनात किया है।
केन्द्र सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता संदेश पाटिल ने न्यायमूर्ति एस जे कथावला और आर आई चागला की पीठ को बताया कि इस योजना में सभी निजी डॉक्टरों को शामिल नहीं किया गया है।
पीठ नवी मुंबई की निवासी किरन सुरगड़े की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने कोरोना वायरस संक्रमण के चलते जान गंवाने वाले अपने डॉक्टर पति के लिये 50 लाख रुपये के बीमा कवर की मांग की थी।
याचिका के अनुसार याचिकाकर्ता के पति आयुर्वेद डॉक्टर भास्कर सुरगड़े को नवी मुंबई नगर निगम (एनएमएमसी) आयुक्त की ओर से अपनी डिस्पेंसरी खोले रखने के लिये कहा गया था। साथ ही उन्हें चेतावनी दी गई थी कि अगर वह नोटिस का पालन नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
याचिका में कहा गया है कि सरगुड़े ने अपना क्लीनिक खोले रखा और कोविड-19 रोगियों समेत मरीजों का इलाज किया। संक्रमण की चपेट में आने के चलते 10 जून 2020 को उनकी भी मौत हो गई।
याचिकाकर्ता ने सरकारी योजना के तहत न्यू इंडिया एश्योरेंस से 50 लाख रुपये के मुआवजे का आवेदन किया, लेकिन उसे इस आधार पर खारिज कर दिया गया कि उनके पति किसी भी अस्पताल या सरकारी स्वास्थ्य सेवा केंद्र में सेवा नहीं दे रहा थे और इसलिए वह इस योजना का लाभ पाने के हकदार नहीं हैं।
पाटिल ने शुक्रवार को कहा कि सरकार ऐसे डॉक्टरों के प्रति सहानुभूति रखती है, लेकिन इस योजना का लाभ केवल सरकारी अस्पतालों में काम करने वाले डॉक्टरों या उन्हीं निजी डॉक्टरों को ही मिलता है, जिन्हें अधिकारियों द्वारा तैनात किया गया हो।
अदालत ने कहा कि इस योजना का लाभ किस-किस को मिले यह बहस का विषय है।
न्यायालय ने सरकार को इस मामले में हलफनामा दाखिल करने के लिये कहा है। मामले की अगली सुनवाई 13 जनवरी को होगी
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