देश की खबरें | पीडब्ल्यूडी की याचिका पर अदालत ने वन विभाग से जवाब मांगा

नयी दिल्ली, 11 जुलाई राजधानी के वसंत विहार इलाके में पेड़ों के चारों ओर से कंक्रीट का ढांचा नहीं हटाने के मामले में 38.7 लाख रुपये का जुर्माना लगाने के उप वन संरक्षक के आदेश को चुनौती देने वाली लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने वन और वन्यजीव विभाग से जवाब मांगा है।

न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने पीडब्ल्यूडी की याचिका पर वन और वन्यजीव विभाग के पश्चिम वन संभाग के उप संरक्षक-वृक्ष अधिकारी को नोटिस जारी किया और मामले में अगली सुनवाई के लिए 24 नवंबर की तारीख तय की।

अदालत ने कहा, ‘‘उठाये गये मुद्दों के मद्देनजर प्रतिवादी छह सप्ताह में अपने जवाब दाखिल करें।’’

अदालत ने पीडब्ल्यूडी के वकील को कुछ अतिरिक्त दस्तावेज रिकॉर्ड में पेश करने की आजादी दी।

पीडब्ल्यूडी ने अपनी याचिका में उप वन संरक्षक (डीसीएफ) के 4 फरवरी के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उस पर 38.7 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

याचिकाकर्ता विभाग ने कहा कि जुर्माना पेड़ों के आसपास से कंक्रीट हटाने का काम पूरा करने और स्थिति रिपोर्ट, अनुपालन हलफनामों के माध्यम से उच्च न्यायालय के समक्ष विधिवत प्रस्तुत करने के बावजूद लगाया गया था।

डीसीएफ के आदेश के अनुसार, वसंत विहार के पीडब्ल्यूडी क्षेत्र में 387 पेड़ थे जो अभी भी कंक्रीट की बाड़ों से घिरे हुए थे और इसने 10,000 रुपये प्रति पेड़ के हिसाब से 387 पेड़ों के लिए कुल 38.7 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)