देश की खबरें | अधिकारी पटरियों का रखरखाव करने वालों से करवाते हैं अपना निजी काम : संगठन ने राहुल गांधी से कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. अखिल भारतीय रेलवे ट्रैक मेंटेनर्स यूनियन (एआईआरटीयू) ने पिछले दिनों विपक्ष के नेता राहुल गांधी को उस समय अपना ज्ञापन सौंपा, जब वह दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पर उनकी चुनौतियों और काम करने की स्थितियों की जानकारी लेने पहुंचे थे।

नयी दिल्ली, चार सितंबर अखिल भारतीय रेलवे ट्रैक मेंटेनर्स यूनियन (एआईआरटीयू) ने पिछले दिनों विपक्ष के नेता राहुल गांधी को उस समय अपना ज्ञापन सौंपा, जब वह दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पर उनकी चुनौतियों और काम करने की स्थितियों की जानकारी लेने पहुंचे थे।

एआईआरटीयू के विभिन्न पदाधिकारियों ने राहुल गांधी को एक लिखित नोट सौंपा, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि रेल मंत्रालय ने लगभग चार लाख ट्रैक मेंटेनर्स (रेल पटरियों का रखरखाव करने वाले)के प्रति उदासीन रवैया अपनाया है, जो देश में सुरक्षित ट्रेन संचालन के लिए दिन-रात काम करते हैं।

ट्रैक मेंटेनर्स के संगठन द्वारा उठाए गए सवालों और मुद्दों पर प्रतिक्रिया के लिए पूछे जाने पर रेल मंत्रालय ने कोई जवाब नहीं दिया।

यूनियन के पदाधिकारियों द्वारा हस्ताक्षरित नोट में कहा गया है, ‘‘भारतीय रेलवे में पटरियों पर काम करते हुए औसतन हर दिन एक ट्रैक मेंटेनर अपनी जान दे देता है। इसके कई कारण हैं, जैसे सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं, अत्यधिक कठिन काम की लंबी अवधि और ट्रैक पर कर्मचारियों की संख्या में कमी।’’

इसमें कहा गया है, ‘‘कई ट्रैक मेंटेनर, जिन्हें ट्रैक पर काम करना चाहिए, उन्हें रेलवे अधिकारियों ने अपने निजी काम के लिए लगा रखा है, जिसके कारण ट्रैक का ठीक से रखरखाव नहीं हो रहा है और परिणामस्वरूप अक्सर दुर्घटनाएं हो रही हैं।’’

यूनियन के अनुसार, ट्रैक मेंटेनर गर्मी, सर्दी और बारिश जैसी विषम परिस्थितियों में काम कर रहे हैं, लेकिन वे कई सुविधाओं से वंचित हैं जो रेलवे के अन्य विभागों को मिलती हैं।

एआईआरटीयू के राष्ट्रीय महासचिव कांथाराजू ने कहा, ‘‘रेल मंत्रालय ने दावा किया है कि उन्होंने ट्रैक मेंटेनर को ‘रक्षक ऐप’ दिया है जो ट्रेनों के आने से पहले अलर्ट देता है ताकि वे ट्रैक से दूर जा सकें, लेकिन यह सच नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि ट्रैक मेंटेनर को पदोन्नति का अवसर नहीं मिलता, क्योंकि वे सहायक स्टेशन मास्टर या मालगाड़ी गार्ड आदि बनने के लिए सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा (एलडीसीई) में भाग नहीं ले सकते।

दिल्ली कैंट स्टेशन के दौरे के दौरान राहुल गांधी से मिले एआईआरटीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष चांद मोहम्मद ने कहा कि उन्होंने पुरानी पेंशन योजना को लागू करने, अलग से जोखिम भत्ता शुरू करने, जो मूल वेतन का 30 प्रतिशत होना चाहिए और संक्रमण भत्ता देने का मुद्दा उठाया, क्योंकि ट्रैक मेंटेनर गंदे और संक्रामक स्थानों पर काम करते हैं और अक्सर बीमार पड़ जाते हैं।

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