भुवनेश्वर, 12 जुलाई ओडिशा में माध्यमिक विद्यालय के छात्रों की वर्दी का रंग सफेद एवं नीले से बदलकर सफेद एवं ‘हंटर ग्रीन’ करने की ओडिशा सरकार की योजना के मद्देनजर विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि यह छात्रों और अभिभावकों के मन-मस्तिष्क को प्रभावित करने की कोशिश है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि ‘हंटर ग्रीन’ सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) के झंडे में इस्तेमाल किए जाने वाले रंग से मेल खाता है।
राज्य सरकार ने मंगलवार को घोषणा की थी कि ओडिशा सरकार राज्य संचालित और सरकार से सहायता प्राप्त विद्यालयों में नौवीं और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को ‘मुख्यमंत्री छात्र छात्रा परिधान योजना’ के तहत मुफ्त वर्दी प्रदान करेगी।
भुवनेश्वर से सांसद एवं भाजपा नेता अपराजिता सारंगी ने कहा कि सरकार को वर्दी का रंग बदलने से पहले विचार-विमर्श करना चाहिए था।
सारंगी ने कहा, ‘‘ऐसा संदेह है कि रंग बदलने का मकसद बच्चों और उनके माता-पिता के मन-मस्तिष्क को प्रभावित करना है।’’
उन्होंने कहा कि सरकार को इसके बजाय स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में बदलाव लाने पर कदम उठाने चाहिए थे।
भाजपा नेता एवं विधायक सूर्यबंशी सूरज ने ट्वीट किया, ‘‘क्या राज्य सरकार स्कूली छात्रों को पार्टी की विचारधारा की ओर अप्रत्यक्ष रूप से आकर्षित नहीं कर रही?’’
सूरज ने कहा कि विद्यालयों को भी हरे रंग से रंगा गया है।
धामनगर से भाजपा विधायक ने कहा कि ओडिशा को ‘समग्र शिक्षा अभियान’ के तहत स्कूली वर्दी के लिए 240 करोड़ रुपए का वार्षिक अनुदान मिलता है।
उन्होंने कहा, ‘‘अब, केंद्रीय निधि को ‘मुख्यमंत्री छात्र छात्रा परिधान योजना’ में लगाया जा रहा है।’’
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) की प्रचार समिति के प्रमुख एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बिजय कुमार पटनायक ने भी स्कूली वर्दी का रंग बदलने की सरकार का योजना की निंदा की।
पटनायक ने कहा, ‘‘राज्य सरकार को हरे रंग का इस्तेमाल करने से पहले दो बार सोचना चाहिए था, क्योंकि इसके राजनीतिक मायने हैं। सत्तारूढ़ दल को व्यापक रूप से हरे रंग से जोड़कर देखा जाता है। सरकार को विद्यालयों को घटिया राजनीति से दूर रखना चाहिए था।’’
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