देश की खबरें | ओडिशा: केआईआईटी में छात्रा की मौत के बाद अन्य छात्र भयभीत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (केआईआईटी) में 20 वर्षीय नेपाली छात्रा प्रकृति लाम्साल की कथित आत्महत्या के बाद के घटनाक्रम से नेपाली छात्र डरे हुए हैं और परिसर लौटने से हिचकिचा रहे हैं।
भुवनेश्वर, 19 फरवरी कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (केआईआईटी) में 20 वर्षीय नेपाली छात्रा प्रकृति लाम्साल की कथित आत्महत्या के बाद के घटनाक्रम से नेपाली छात्र डरे हुए हैं और परिसर लौटने से हिचकिचा रहे हैं।
केआईआईटी प्रशासन द्वारा करीब 1,000 नेपाली छात्रों को सोमवार को निलंबन नोटिस देकर तुरंत परिसर छोड़ने का निर्देश दिया गया था। छात्रा प्रकृति लाम्साल का शव रविवार को उसके छात्रावास के कमरे में पंखे से लटका मिला था जिसके बाद छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था।
केंद्र और राज्य सरकार के हस्तक्षेप के बाद केआईआईटी प्रशासन ने माफी मांगी और छात्रों से परिसर में लौटने का अनुरोध किया।
प्रशासन द्वारा छात्रों को जबरन बाहर निकालने और कटक रेलवे स्टेशन पर छोड़ देने की घटना ने उनमें भय पैदा कर दिया है।
नेपाल की छात्रा प्रीति ने पत्रकारों से कहा, "हमें जबरदस्ती हॉस्टल से निकाला गया जबकि हमारी कोई गलती नहीं थी। केआईआईटी प्राधिकारियों ने प्रकृति की पिछली दलीलों (उसके पूर्व प्रेमी द्वारा कथित ब्लैकमेल पर) को नजरअंदाज कर दिया था। प्रकृति ने हताशा के कारण आत्महत्या कर ली। उसकी मौत से नेपाल के छात्र आक्रोशित थे।"
प्रीति ने कहा, "हमें जबरन बस में ले जाया गया और रेलवे स्टेशन के पास एक ऐसी जगह पर छोड़ दिया गया, जहां कोई दुकान या पानी नहीं था। हमारी गलती क्या थी? अब वे (डीन और केआईआईटी के अन्य अधिकारी) प्यार से हमें वापस लौटने के लिए कह रहे हैं। क्या कोई उन पर विश्वास कर सकता है?"
संस्थान के निदेशक समेत पांच अधिकारियों को छात्रों को प्रताड़ित करने के आरोप में मंगलवार को गिरफ्तार किया गया। बाद में, उन्हें जमानत मिल गई।
छात्रा को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में 21 वर्षीय केआईआईटी छात्र को पहले ही गिरफ्तार किया गया था।
सूत्रों ने बताया कि नेपाली छात्रा का शव आज नेपाल भेजा जाएगा। उनके पिता सुनील लाम्साल और परिवार के अन्य सदस्य बीते दो दिनों से भुवनेश्वर में हैं।
ओडिशा के उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने कहा, "100 नेपाली छात्र वर्तमान में परिसर में हैं और लगभग 800 छात्र अन्य स्थानों पर हैं।"
मंत्री ने कहा, ''वे छात्र शायद कोलकाता, पटना या रांची गये होंगे। उन्हें वापस लाना केआईआईटी प्राधिकारियों की जिम्मेदारी है। वे हमारे मेहमान हैं।''
सूत्रों ने कहा कि अधिकांश नेपाली छात्र अपने घरों को लौट आए हैं। राज्य सरकार और केआईआईटी प्राधिकारियों ने अब तक परिसर में लौटे छात्रों की संख्या के बारे में जानकारी साझा नहीं की है।
राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई है जिसका नेतृत्व गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कर रहे हैं।
इस बीच, छात्रों, युवाओं और विभिन्न राजनीतिक संगठनों ने परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)