नयी दिल्ली, 11 मार्च लोकसभा में मंगलवार को मणिपुर के बजट पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और पीठासीन सभापति की जिम्मेदारी निभा रहीं कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा के बीच कुछ समय के लिए नोकझोंक हुई।
चर्चा में भाग लेते हुए तृणमूल कांग्रेस की सदस्य सयानी घोष ने पिछले दो वर्षों से अधिक समय में मणिपुर में हुई विभिन्न घटनाओं का उल्लेख किया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आलोचना की।
कुछ भाजपा सदस्यों ने संदर्भों पर आपत्ति जताई।
टीएमसी सदस्य की टिप्पणी का जिक्र करते हुए, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, "यह आसन की उदारता का घोर दुरुपयोग है... यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है... नियमों का पालन करना होगा।"
इसके जवाब में सैलजा ने मंत्री से कहा, ‘‘नहीं, आप आसन पर उंगली नहीं उठा सकते।’’
इस बीच, घोष ने यह भी कहा कि मणिपुर में राष्ट्रपति शासन शांति बहाल करने के लिए नहीं, बल्कि महीनों की निष्क्रियता के बाद भाजपा की राजनीतिक प्रतिष्ठा को बचाने के लिए लगाया गया था।
उनके भाषण के दौरान गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने भी कुछ संदर्भों पर प्रतिक्रिया देने के लिए हस्तक्षेप किया।
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