देश की खबरें | नोएडा: चार वर्षीय बच्ची से ‘डिजिटल रेप’ के मामले में प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापिका हटाई गईं

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश में नोएडा के एक नामी स्कूल में पढ़ने वाली चार वर्षीय बच्ची से ‘डिजिटल रेप’ के मामले में स्कूल की प्रधानाचार्य प्रीति सिरोही के साथ-साथ प्रधानाध्यापिका को पद से हटा दिया गया। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

नोएडा, 19 अक्टूबर उत्तर प्रदेश में नोएडा के एक नामी स्कूल में पढ़ने वाली चार वर्षीय बच्ची से ‘डिजिटल रेप’ के मामले में स्कूल की प्रधानाचार्य प्रीति सिरोही के साथ-साथ प्रधानाध्यापिका को पद से हटा दिया गया। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

गौतम बुद्ध नगर के जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह बच्ची के परिजनों के हंगामे के बाद स्कूल पहुंचे, जहां उन्हें स्कूल प्रशासन द्वारा प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापिका को हटाये जाने की जानकारी दी गयी।

सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि मामले की जांच जारी है और अगर स्कूल की प्रधानाचार्य व प्रधानाध्यापिका की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

गौतम बुद्ध नगर के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की है।

उन्होंने बताया कि यह कमेटी मामले की जांच करेगी और एक सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी।

अधिकारी ने बताया कि कमेटी के रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन कार्रवाई करेगा।

बच्ची के परिजनों ने शनिवार को जिलाधिकारी से मुलाकात की और उन्हें बताया कि बच्चे स्कूल के अंदर सुरक्षित नहीं हैं।

इस घटना से गुस्साए दर्जनों की संख्या में अभिभावकों ने स्कूल के गेट पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि इस मामले में प्रधानाचार्य ने लापरवाही बरती।

अभिभावकों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा का भरोसा कौन दिलवाएगा। अभिभावक प्रधानाचार्य से मिलना चाह रहे थे लेकिन वह नहीं मिली।

वहीं उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने मामले पर संज्ञान लेते हुए एक सदस्यीय टीम को जांच के लिए भेजा।

उन्होंने बताया कि हमें जैसे ही इस मामले की जानकारी मिली, हमने तुरंत अपनी टीम के सदस्य को जांच के लिए भेजा। मामले की सच्चाई सामने आने पर आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बबीता ने कहा कि बच्ची के परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन और कुछ अधिकारी मामले को दबाने और आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। इस पहलु से भी मामले की जांच की जाएगी।

उन्होंने कहा कि इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी और पीड़िता को हर तरह से सामाजिक व कानूनी न्याय मिलेगा।

इससे पहले बच्ची से ‘डिजिटल रेप’ के मामले में घटना को छिपाने के आरोप में गिरफ्तार शिक्षिका और स्कूल प्रशासक को शुक्रवार को जमानत मिल गयी।

दोनों आरोपियों को पुलिस ने गौतमबुद्ध नगर की अदालत में पेश किया, जहां उन्हें जमानत मिल गयी।

इस मामले में मुख्य आरोपी अभी जेल में है। गिरफ्तार आरोपी नित्यानंद स्कूल में हाउसकीपिंग का काम करता था।

गौरतलब है कि नोएडा के सेक्टर-27 स्थित एक निजी स्कूल में प्री-नर्सरी में पढ़ने वाली बच्ची के साथ स्कूल के ही एक कर्मचारी ने ‘डिजिटल रेप’ किया था। इसके बाद बच्ची को पढ़ाने वाली शिक्षिका ने उसे डराकर घर पर यह बात किसी को न बताने के लिए कहा था। जब बच्ची गुमसुम रहने लगी तो उसके परिजनों ने उससे बात की। बच्ची ने नौ अक्टूबर को अपने परिजनों को घटना के बारे में बताया। इसके बाद 10 अक्टूबर को परिजनों ने थाना सेक्टर-20 में मुकदमा दर्ज करवाया। इस मामले में मुख्य आरोपी नित्यानंद को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा।

बाद में जांच के दौरान बच्ची की शिक्षिका मधु और स्कूल के कार्यालय प्रशासक दया महतो को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस ने कहा कि दोनों ने घटना को छिपाने में भूमिका निभाई थी।

बच्ची या बिना अनुमति के महिला के साथ उंगलियों या हाथ-पैर के अंगूठे से यौन उत्पीड़न किया जाता है तो उसे ‘डिजिटल रेप’ कहते हैं।

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