देश की खबरें | निसार पेलोड को जोड़ने का काम पूरा : नासा के शीर्ष अधिकारी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. नासा के शीर्ष अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि नासा-इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार (निसार) मिशन के ‘पेलोड’ को एकीकृत करने का काम अमेरिका में पूरा हो गया है। उपग्रह, प्रक्षेपण यान के साथ जोड़ने के लिए परीक्षण के बाद इसे भारत भेजे जाने की संभावना है।
बेंगलुरू, एक जून नासा के शीर्ष अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि नासा-इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार (निसार) मिशन के ‘पेलोड’ को एकीकृत करने का काम अमेरिका में पूरा हो गया है। उपग्रह, प्रक्षेपण यान के साथ जोड़ने के लिए परीक्षण के बाद इसे भारत भेजे जाने की संभावना है।
निसार ध्रुवीय इलाके और हिंद महासागर क्षेत्र सहित धरती पर नजर रखने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ‘नासा’ का संयुक्त मिशन है।
पूर्ण ‘पोलरिमेट्रिक’ और ‘इंटरफेरोमेट्रिक मोड’ की क्षमता के साथ यह दोहरा-बैंड (एल-बैंड और एस-बैंड) आधारित रडार इमेजिंग मिशन है, जो भूमि, वनस्पति और बर्फ से ढंके क्षेत्रों में मामूली बदलावों का पता लगा लेगा।
नासा विज्ञान मिशन निदेशालय के एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर डॉ. थॉमस जुर्बुचेन के नेतृत्व में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी के अधिकारियों की एक टीम बेंगलुरु में है और उन्होंने इसरो के अधिकारियों के साथ बैठकें की। जुर्बुचेन ने कहा कि यह यात्रा मुख्य रूप से नासा और इसरो के ‘‘अब तक के सबसे बड़े सहयोग’’ निसार पर केंद्रित होगी।
जुर्बुचेन ने बुधवार को भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) में एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘मैं इसरो के वैज्ञानिक सचिव के साथ बैठक करके आया हूं और बुधवार रात मेरी इसरो के अध्यक्ष के साथ बैठक है। मैं इस बैठक के लिए बहुत उत्साहित हूं।’’
निसार को एक जटिल मिशन करार देते हुए उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी की वजह से देरी के बाद निसार के काम में अब प्रगति हुई है। नासा के पृथ्वी विज्ञान प्रभाग की निदेशक करेन एम सेंट जर्मेन ने कहा कि निसार एक दोहरा सिंथेटिक अपर्चर रडार (एसएआर) है, जिसके लिए अमेरिका एल-बैंड एसएआर का निर्माण कर रहा है और इसरो एस-बैंड का निर्माण कर रहा है।
मिशन को कई अनूठी खासियतों वाला बताते हुए जर्मेन ने कहा, ‘‘हमने जेपीएल (जेट प्रोपल्शन लैब) में पेलोड एकीकृत कर दिया है और अब इसका परीक्षण करेंगे। पहला, एकीकरण परीक्षण और फिर इसके कामकाज का परीक्षण होगा। आगे उपग्रह, प्रक्षेपण यान से जोड़ने पर काम होगा। परीक्षण के बाद सभी सामग्रियों को वापस इसरो में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।’’ निसार पर सहयोग और प्रक्षेपण के लिए नासा और इसरो ने 30 सितंबर, 2014 को एक साझेदारी पर हस्ताक्षर किए थे।
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