नयी दिल्ली, पांच नवंबर राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने हिंसक कृत्यों के जरिए शरिया आधारित इस्लामी राष्ट्र बनाने का मंसूबा रखने वाले कट्टरपंथी समूह हिज्ब-उत-तहरीर के 17 सदस्यों के खिलाफ एक विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
एनआईए के प्रवक्ता ने बताया कि मध्य प्रदेश में नौ मई को दर्ज एक मामले में आरोपपत्र दाखिल किया गया।
अधिकारी ने बताया कि आरोपित किये गए आरोपियों के नाम--मोहम्मद आलम, मिस्बाह उल हसन, मेहराज अली, खालिद हुसैन, सैयद सामी रिजवी, यासिर खान, सलमान अंसारी, सैयद दानिश अली, मोहम्मद शाहरुख, मोहम्मद वसीम, मोहम्मद करीम, मोहम्मद अब्बास अली, मोहम्मद हमीद, मोहम्मद सलीम, अब्दुर रहमान, शेख जुनैद और मोहम्मद सलमान--हैं।
प्रवक्ता ने बताया, ‘‘जांच में यह खुलासा हुआ कि हिज्ब-उत-तहरीर (एचयूटी) के सदस्य चोरी-छिपे मध्य प्रदेश में अपने समूह में भर्तियां कर रहे थे और अपना कैडर बना रहे थे। यह भी स्थापित हो गया है कि आरोपी एचयूटी के कट्टरपंथी विचारधारा से प्रेरित थे और इनका मकसद हिंसक कृत्यों के जरिए भारत को शरिया आधारित इस्लामी राष्ट्र बनाना है।’’
एक अधिकारी ने बताया कि वे अपने संगठन में समान विचाराधारा वाले लोगों को शामिल करते थे और उनके लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित करते थे।
प्रवक्ता ने बताया, ‘‘उनकी तैयारियों में समूह के सदस्यों को हथियार-गोलीबारी और कमांडो तरकीबों का प्रशिक्षण देना शामिल था। उनकी योजनाओं और तरकीबों में पुलिसकर्मियों पर हमले और विभिन्न समुदायों के लोगों को निशाना बनाना भी शामिल था। उनका मकसद लोगों के बीच भय पैदा करने के स्पष्ट लक्ष्य के साथ भारत की एकता, अखंडता, सुरक्षा और संप्रभुता को खतरे में डालना है।’’
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