गुवाहाटी, एक मई राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के उन सदस्यों से जुड़े एक मामले के संबंध में असम के कामरूप जिले में दो स्थानों पर छापेमारी की है, जिन्होंने देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपना नेटवर्क फैलाने के लिये कथित तौर पर काम किया था। जांच एजेंसी ने यह जानकारी दी।
एनआईए के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि मामला मार्च में कछार जिले में असम पुलिस द्वारा माओवादी नेता एवं भाकपा (माओवादी) की केंद्रीय समिति के सदस्य अरुण कुमार भट्टाचार्जी और असम राज्य आयोजन समिति के सदस्य आकाश ओरंग की गिरफ्तारी से संबंधित है।
भट्टाचार्जी को मार्च में उदरबोंड थाना क्षेत्र के एक चाय बागान से गिरफ्तार किया गया था। उन्हें ‘कंचन दा’ के नाम से जाना जाता है।
भट्टाचार्जी (72) को असम में भाकपा (माओवादी) की राज्य स्तरीय समिति गठित करने और एक पड़ोसी देश से झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे भारत के अन्य माओवादी प्रभावित राज्यों के लिए एक ‘‘रेड कॉरिडोर’’बनाने का काम सौंपा गया था।
आरोपी अपने अन्य सहयोगियों के साथ असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र में भाकपा (माओवादी) के नेटवर्क को फैलाने में शामिल थे।
एनआईए ने 16 मार्च को इस मामले को अपने हाथों में लिया था।
एनआईए के अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को की गई छापेमारी दौरान दोष साबित करने वाले दस्तावेज जब्त किए गए। उन्होंने बताया कि मामले में जांच जारी है।
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