देश की खबरें | केरल में प्रोफेसर का हाथ काटने के आरोपी की जमानत याचिका के खिलाफ एनआईए का आवेदन खारिज
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की याचिका खारिज कर दी जिसमें 2010 में एक प्रोफेसर का हाथ काटने के आरोपी को केरल उच्च न्यायालय द्वारा जमानत देने का विरोध किया गया था। परीक्षा के प्रश्न पत्र में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक सवाल पूछने के लिए प्रोफेसर का हाथ काट लिया गया था।
नयी दिल्ली, एक फरवरी उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की याचिका खारिज कर दी जिसमें 2010 में एक प्रोफेसर का हाथ काटने के आरोपी को केरल उच्च न्यायालय द्वारा जमानत देने का विरोध किया गया था। परीक्षा के प्रश्न पत्र में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक सवाल पूछने के लिए प्रोफेसर का हाथ काट लिया गया था।
मुवत्तुपुझा में चार जुलाई 2010 को प्रोफेसर टी जे जोसफ का हाथ काटने के लिए पोपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था।
न्यूमैन कॉलेज, थोडुपुझा में बी. कॉम छात्रों की आंतरिक परीक्षा के लिए पूछे गए एक सवाल से कथित चरमपंथी इस्लामिक संगठन पीएफआई के सदस्य क्रोधित हो गए और प्रोफेसर जब गिरजाघर से अपनी मां और बहन के साथ घर लौट रहे थे तो उन पर हमला कर दिया।
न्यायमूर्ति एन वी रमना, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति अनिरूद्ध बोस की पीठ ने केंद्र की अपील को मंजूरी नहीं दी और कहा कि आरोपी के. ए. नजीब करीब पांच वर्षों से न्यायिक हिरासत में है।
फैसले में कहा गया है, ‘‘प्रतिवादी न केवल पांच वर्षों से अधिक समय से जेल में है बल्कि 276 गवाहों से पूछताछ भी होना बाकी है। 27 नवंबर 2020 को आरोप तय हुए हैं। वादी एनआईए को इससे पहले दो अवसर दिए गए जिसके पास गवाहों की अंतहीन सूची है और वह उनसे जिरह करने में रूचि नहीं दिखा रहा है।’’
इसने कहा कि उच्च न्यायालय ने यह गौर करते हुए जमानत दी थी कि सुनवाई अभी शुरू नहीं हुई है, जबकि उस समय आरोपी चार वर्षों से हिरासत में था।
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