देश की खबरें | अरावली क्षेत्र के गांवों में ‘जहरीला कचरा फैलने’ पर हरियाणा सरकार को एनएचआरसी का नोटिस
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नयी दिल्ली, 13 जून राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने सोमवार को हरियाणा सरकार को उस मीडिया रिपोर्ट के आधार पर एक नोटिस जारी किया, जिसमें दावा किया गया है कि गुरुग्राम की एक लैंडफिल साइट से अशोधित जहरीला कचरा अरावली क्षेत्र में ‘आसपास के गांवों में फैल रहा है।’ अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि एनएचआरसी ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से छह हफ्ते में इस मामले में एक रिपोर्ट सौंपने को कहा है।
मानवाधिकार आयोग ने एक बयान में कहा, “एनएचआरसी ने गुरुग्राम के बांधवारी गांव की एक लैंडफिल साइट से अशोधित जहरीले कचरे के अरावली क्षेत्र में आसपास के गांवों में फैलने संबंधी मीडिया रिपोर्ट का स्वत: संज्ञान लेते हुए सोमवार को हरियाणा सरकार को एक नोटिस जारी किया।”
बयान के मुताबिक, “राज्य सरकार से इस मामले में छह हफ्ते के भीतर एक रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट में खतरे से निपटने के लिए उठाए गए/उठाए जाने वाले कदम शामिल किए जाने चाहिए।”
एनएचआरसी ने कहा कि अगर यह मीडिया रिपोर्ट सही है तो सरकारी अधिकारियों की लापरवाही से मानवाधिकारों के उल्लंघन का मामला बनता है।
आठ जून को प्रकाशित एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस समस्या को हल करने के लिए 2017 से कानूनी लड़ाई चल रही है, लेकिन आसपास के गांवों के लोगों की दिक्कतें जारी हैं।
आयोग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अगर कुछ घंटों की बारिश के बाद ही इस लैंडफिल साइट से खतरनाक अशोधित कचरे का प्रवाह होने लगता है तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि मानसून के दौरान क्या स्थिति होगी।
बयान के मुताबिक, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण ब्यूरो ने 2017 में इस मामले में जारी अपनी रिपोर्ट में कहा था कि लैंडफिल साइट के आसपास के तीन गांवों का भूजल दूषित है।
बयान में कहा गया है, “राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान ने भी पुष्टि की है कि संदूषण पड़ोस के दो और गांवों में फैल चुका है। हालांकि, स्थिति में सुधार के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। इससे न केवल क्षेत्र में रहने वाले लोगों, बल्कि वन क्षेत्र की वनस्पतियों और जीवों की सेहत के लिए भी खतरा पैदा हो रहा है।”
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