देश की खबरें | एनजीटी ने हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को लगाई फटकार
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नयी दिल्ली, 24 अगस्त राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचपीसीबी) को फटकार लगाते हुए कहा है कि वह फरीदाबाद में रंगाई उद्योगों द्वारा किए जा रहे पर्यावरण मानदंडों के उल्लंघन को रोकने में विफल रहा है तथा अपना वैधानिक दायित्व नहीं निभा रहा है।
एनजीटी प्रमुख न्यायाधीश आदर्श गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने निर्देश दिया कि आवश्यक सतर्कता दस्तों की स्थापना और मानदंडों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया को छोटा कर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में उपयुक्त रूप से सुधार किया जाए।
केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), जिला मजिस्ट्रेट, फरीदाबाद और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की एक समिति ने एनजीटी को बताया कि निरीक्षण के दौरान मानदंडों के उल्लंघन की बात सामने आई और इकाइयों को बंद करने तथा पर्यावरण क्षतिपूर्ति तथा मुकदमा चलाने जैसे कदमों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई की गई है।
पीठ ने कहा, ‘‘राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा दायर रिपोर्ट से स्पष्ट है कि इस अधिकरण के निर्देशों पर कुछ कार्रवाई शुरू करने के अलावा, पर्यावरण नियमों के उल्लंघन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया और पर्यावरण कानूनों के उल्लंघन पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड खुद से कार्रवाई करने के अपने वैधानिक दायित्व का पालन नहीं कर रहा है।’’
एनजीटी ने एचपीसीबी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश किया कि प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों से आकलन के हिसाब से जुर्माना वसूला जाए और वे मानदंडों के अनुपालन तथा जुर्माने के भुगतान के बिना काम न कर पाएं।
मामले में अगली सुनवाई अब अगले साल 15 जनवरी को होगी।
एनजीटी का निर्देश फरीदाबाद निवासी वरुण श्योकंद और नवनीत गुंबर की याचिका पर आया जिन्होंने आरोप लगाया कि 150 से अधिक जीन्स रंगाई इकाइयां हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति के बिना चल रही हैं।
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