देश की खबरें | एफसीआई अधिकारी के अपहरण मामले में नया मोड़, धोखाधड़ी का मामला दर्ज
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के एक अधिकारी समेत दो लोगों के अपहरण के मामले में नया मोड़ आ गया है और सेना में कार्यरत एक व्यक्ति ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।
नोएडा, 13 जून भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के एक अधिकारी समेत दो लोगों के अपहरण के मामले में नया मोड़ आ गया है और सेना में कार्यरत एक व्यक्ति ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।
शिकायत में आरोप है कि दोनों ने विभिन्न सरकारी दफ्तरों में नौकरी लगवाने के नाम पर उनके कुछ रिश्तेदारों से करीब 80 लाख रुपये ठग लिये। घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि सेना में कार्यरत चेतराम पुत्र मुरारी लाल निवासी जनपद भरतपुर राजस्थान ने बीती रात थाना सेक्टर-113 में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि बलराम उर्फ हर्ष और आर के सिंह नामक दो लोगों ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर उनके दो बेरोजगार भाइयों और अन्य रिश्तेदारों से करीब 80 लाख रुपये ठग लिये।
अधिकारी के अनुसार उनमें से कुछ लोगों को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र मिले जो पड़ताल करने पर फर्जी पाये गये।
शिकायत में दावा किया गया है कि आर के सिंह का असली नाम सुमित कुमार सिंह है और वह एफसीआई नोएडा में काम करता है, तथा इस समय निलंबित है।
इससे पहले नोएडा के सेक्टर 73 में रहने वाली स्वप्निल सिंह ने तीन दिन पूर्व थाना सेक्टर 113 में मुकदमा दर्ज करवाया था कि उनके पति सुमित कुमार और बलराम को कुछ अज्ञात लोग नोएडा से अगवा कर ले गए हैं, तथा उनसे 40 लाख रुपए की फिरौती मांग रहे हैं।
पुलिस ने इस मामले में सोमवार को दो लोगों को गिरफ्तार कर सुमित और बलराम को मुक्त कराया था। बाद में कुछ लोगों ने थाने पहुंचकर अपहृत लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। मीडिया प्रभारी ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस उपायुक्त (जोन प्रथम) हरीश चंदर ने सोमवार को बताया था कि महिला की शिकायत पर घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की और एक सूचना के आधार पर, अपहृत सुमित और हर्ष उर्फ बलराम का पता लगाया गया तथा उन्हें अगवा करने के आरोप में अशोक और संदीप भंडारी को गिरफ्तार कर लिया।
उनके अनुसार, जांच के दौरान पता चला कि एफसीआई अधिकारी सुमित निलंबित हैं और उसने हर्ष उर्फ बलराम के साथ मिलकर आरोपियों को रेलवे में नौकरी लगवाने का झांसा देकर उनसे पैसे लिए थे। अधिकारी ने बताया कि नौकरी नहीं लगने से नाराज आरोपियों ने दोनों को अगवा कर लिया था।
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