विदेश की खबरें | नेपाल: संसद भंग करने के प्रधानमंत्री ओली के फैसले के विरोध में प्रचंड के समर्थकों ने रैली निकाली

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. नेपाल की संसद भंग करने के प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली के फैसले के विरोध में नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के पुष्प दहल कमल ‘प्रचंड’ के नेतृत्व वाले धड़े से जुड़े सैकड़ों छात्रों ने रविवार का यहां रैली निकाली। दरअसल, दोनों शीर्ष नेताओं के बीच प्रतिद्वंद्विता बढ़ गई है।

काठमांडू, सात फरवरी नेपाल की संसद भंग करने के प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली के फैसले के विरोध में नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के पुष्प दहल कमल ‘प्रचंड’ के नेतृत्व वाले धड़े से जुड़े सैकड़ों छात्रों ने रविवार का यहां रैली निकाली। दरअसल, दोनों शीर्ष नेताओं के बीच प्रतिद्वंद्विता बढ़ गई है।

गौरतलब है कि प्रचंड के समर्थकों द्वारा आज निकाली गई रैली से दो दिन पहले सरकार का समर्थन कर रहे छात्रों ने काठमांडू में ओली के पक्ष में शक्ति प्रदर्शन किया था। उन्होंने ‘‘हमें केपी ओली से प्यार है’, ‘ओली हमारे हीरो हैं’, ‘प्रधानमंत्री पद के लिए ओली’ के नारे लगाए थे।

वहीं, रविवार को प्रचंड के समर्थकों ने नारे लगाए, ‘केपी ओली हमें तुमसे नफरत है’ और ‘हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स को भंग करके देश को पतन के रास्ते पर ले जाने के लिए हम केपी ओली से नफरत करते हैं।’

प्रधानमंत्री ओली के 20 दिसंबर को संसद भंग करने और देश में 30 अप्रैल तथा 10 मई को नए सिरे से चुनाव कराने का विवादित फैसला लेने के खिलाफ प्रचंड और माधव कुमार नेपाल के नेतृत्व में चलाए जा रहे चरणबद्ध विरोध कार्यक्रमों के तहत आज रैली निकाली गई थी।

सत्तारूढ़ नेपाली कांग्रेस पार्टी के दो धड़ों में कुछ महीनों से तना-तनी चल रही है। एक धड़े का नेतृत्व 68 वर्षीय प्रधानमंत्री ओली कर रहे हैं तो दूसरे धड़े की कमान पार्टी अध्यक्ष, पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधानमंत्री प्रचंड (66) के हाथों में है।

संसद भंग करने के अपने फैसले का बचाव करते हुए ओली ने कहा कि कुछ नेता सरकार के कामकाज को बाधित कर रहे हैं और उसके पास नए सिरे से जनादेश प्राप्त करने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं था।

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