देश की खबरें | एनएलयू जोधपुर के छात्र की मौत के मामले की फिर से जांच की जरूरत : न्यायालय, याचिका पर फैसला बाद में

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि जोधपुर स्थित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में कानून के तीसरे साल के छात्र की 2017 में हुयी मौत के मामले की फिर से जांच की जरूरत है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, आठ सितंबर उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि जोधपुर स्थित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में कानून के तीसरे साल के छात्र की 2017 में हुयी मौत के मामले की फिर से जांच की जरूरत है।

न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन, न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा और न्यायमूर्ति इन्दिरा बनर्जी की तीन सदस्यीय पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मृतक छात्र की मां की याचिका पर सुनवाई पूरी करते हुये कहा, ‘‘हम इसकी फिर से जांच का निर्देश दे सकते हैं। यह तरीका नहीं है।’’ इससे पहले, पीठ ने इस मामले की जांच के बारे मे राजस्थान पुलिस की रिपोर्ट का अवलोकन किया।

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पीठ ने अपने आदेश में कहा कि बहस सुनी गयी। फैसला बाद में सुनाया जायेगा।

सुनवाई के दौरान मृतक छात्र की मां की ओर से अधिवक्ता सुनील फर्नाण्डीज ने कहा कि इस मामले की जांच में कोई प्रगति नहीं हुयी है। मृतक छात्र की मां ने इस मामले की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो को सौंपने का न्यायालय से अनुरोध किया है

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राजस्थान सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष सिंघवी ने कहा कि न्यायालय के निर्देशानुसार पुलिस इसकी फिर से जांच करेगी।

शीर्ष अदालत ने इस साल जुलाई में कहा था कि यह जांच दो महीने में पूरी करके रिपोर्ट उसके समक्ष पेश की जाये।

कानून के छात्र विक्रांत नागाइच की मां नीतू कुमार नागाइच ने अपने पुत्र की अस्वाभाविक मृत्यु का रहस्य सुलझाने के लिये सीबीआई को सभी कदम उठाने का निर्देश देने का अनुरोध न्यायालय से किया है।

याचिका में कहा गया है कि इस मामले में करीब 10 महीने बाद जून, 2018 में प्राथमिकी दर्ज की गयी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि इस मामले की जांच इस तरीके से की जा रही है, जिससे यह आशंका होती है कि शायद किसी प्रभावशाली व्यक्ति को बचाने के प्रयास हो रहे हैं।

याचिका के अनुसार, तीन साल बीत जाने के बावजूद पुलिस ने अभी तक आरोप पत्र दाखिल नहीं किया है। जांच ठप है और आपराधियों को पकड़ने के कोई प्रयास नहीं किये गये हैं।

याचिका में कहा गया है कि विक्रांत 13 अगस्त 2017 की शाम अपने दोस्तों के साथ विश्वविद्यालय परिसर से करीब 300 मीटर दूर स्थित एक रेस्तरां में गया था लेकिन वह वहां से वापस नहीं लौटा और अगले दिन रेलवे लाइन के पास उसका शव मिला था।

मृतक की मां का आरोप है कि पुलिस ने न तो गूगल या फेसबुक से संपर्क किया और न ही उसके मोबाइल फोन का डाटा प्राप्त करने की कोशिश की, जो उसके आने-जाने के समय का पता लगाने में मददगार हो सकता था।

अनूप

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