देश की खबरें | असम से राज्यसभा की दो सीटों पर राजग उम्मीदवारों ने जीत हासिल की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के दो उम्मीदवार भारतीय जनता पार्टी के पबित्र मार्गरीटा और यूपीपीएल के रंग्रा नरजारी असम से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए जबकि कांग्रेस प्रत्याशी और निर्वतमान सांसद रिपुन बोरा विपक्षी सदस्यों द्वारा दूसरे उम्मीदवार के पक्ष में वोट करने के कारण चुनाव हार गए। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
गुवाहाटी, एक अप्रैल सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के दो उम्मीदवार भारतीय जनता पार्टी के पबित्र मार्गरीटा और यूपीपीएल के रंग्रा नरजारी असम से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए जबकि कांग्रेस प्रत्याशी और निर्वतमान सांसद रिपुन बोरा विपक्षी सदस्यों द्वारा दूसरे उम्मीदवार के पक्ष में वोट करने के कारण चुनाव हार गए। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
मार्गरीटा को 46 मत मिले जबकि नरजारी को 44 और बोरा को 35 वोट मिले। मार्गरीटा की जीत तय मानी जा रही थी। असम विधानसभा के सभी 126 विधायकों ने मतदान किया और एक मत अमान्य पाया गया।
विधानसभा में सत्तारूढ़ राजग के पास 79 सीटें हैं, जिनमें से भाजपा के पास 63, एजीपी के पास नौ और यूपीपीएल के पास सात सीटें हैं। सदन में विपक्षी सदस्यों की संख्या 47 है, जिनमें से कांग्रेस के 27, एआईयूडीएफ के 15, बीपीएफ के तीन और माकपा का एक सदस्य है जबकि तीन विधायक निर्दलीय हैं।
कांग्रेस के दो विधायकों शशिकांत दास और शर्मन अली अहमद को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। दास ने पहले ऐलान किया था कि वह राजग उम्मीदवारों के लिए मतदान करेंगे जबकि बीपीएफ ने राज्य सरकार को समर्थन दे दिया था लेकिन उसका अभी तक औपचारिक रूप से राजनीतिक गठबंधन नहीं हुआ है।
विपक्षी दलों ने पहले घोषणा की थी कि वे सर्वसम्मति से कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन करेंगे लेकिन बोरा को 35 मत मिलने से संकेत मिलता है कि विपक्ष के सात विधायकों ने दूसरे उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया है।
कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को करीमगंज (दक्षिण) से विधायक सिद्दीकी अहमद को ‘‘पार्टी के मुख्य सचेतक वाजिद अली चौधरी द्वारा जारी तीन लाइन के व्हिप की जानबूझकर अवज्ञा’’ करने के लिए तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया।
पार्टी ने कहा कि अहमद ने वोट करते वक्त जानबूझकर अंक के बजाय शब्द में लिखा जिससे उनका वोट अमान्य घोषित कर दिया गया।
राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान बृहस्पतिवार को हुआ और मतगणना शाम पांच बजे शुरू हो गयी थी लेकिन पांच विधायकों के खिलाफ कांग्रेस की शिकायतों के कारण इसमें देरी हुई। मतगणना आखिरकार रात साढ़े 10 बजे शुरू हुई और देर रात तक चलती रही। मतगणना के दौरान सभी प्रत्याशी और उनके एजेंट मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि विजयी उम्मीदवारों को विपक्ष के ‘‘विवेकपूर्ण मत’’ मिले हैं। उन्होंने एआईयूडीएफ को छोड़कर विपक्षी दलों से सत्तारूढ़ गठबंधन के उम्मीदवारों के लिए वोट देने की अपील की थी।
उन्होंने कहा, ‘‘असम ने राजग के दो उम्मीदवारों को निर्वाचित कर एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा जताया है। विजेताओं को मेरी शुभकामनाएं।’’
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनावों में विपक्षी प्रत्याशियों के साथ विश्वासघात करने के बाद एआईयूडीएफ के पांच विधायक शुक्रवार को सुबह मुख्यमंत्री के आवास पर गए।
पार्टी के प्रवक्ता मंजीत महंत ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘सोनई से विधायक करीमुद्दीन बरभुइया, बदरपुर से अब्दुल अजीत, चेंगा से अशरफुल हुसैन, जानिया से हाफिज रफीकुल इस्लाम और धींग से अमीनुल इस्माल को सुबह छह बजे सरमा के आवास में प्रवेश करते हुए देखा गया और वे सुबह करीब साढ़े आठ बजे वहां से बाहर आए।’’
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