देश की खबरें | राकांपा का राजग में शामिल होने का फैसला सामूहिक था: तटकरे
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सुनील तटकरे ने मंगलवार को कहा कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं पार्टी प्रमुख अजित पवार के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल होना पार्टी का सामूहिक निर्णय था।
पुणे, 10 जून राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सुनील तटकरे ने मंगलवार को कहा कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं पार्टी प्रमुख अजित पवार के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल होना पार्टी का सामूहिक निर्णय था।
तटकरे ने पार्टी के 26वें स्थापना दिवस के अवसर पर यहां संवाददाताओं से बातचीत में शरद पवार नीत प्रतिद्वंद्वी गुट राकांपा (शरदचंद्र पवार) के साथ पार्टी के संभावित पुनर्मिलन की अटकलों को खारिज कर दिया।
शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (एसपी) भी पुणे में पार्टी का स्थापना दिवस मना रही है।
तटकरे ने कहा, ‘‘यह कोई व्यक्तिगत निर्णय नहीं था। अजित दादा के नेतृत्व में राजग में शामिल होना सामूहिक निर्णय था। मैंने कई मौकों पर स्पष्ट किया है कि 2014 से लेकर अब तक कई बार ऐसा हुआ है जब पार्टी (तब अविभाजित) ने गठबंधन में शामिल होने का फैसला किया था। हम राजग में शामिल होने के कगार पर थे लेकिन आखिरी समय में फैसला बदल गया।’’
उन्होंने कहा कि 2023 में अजित पवार के नेतृत्व में पार्टी ने लोगों के कल्याण के लिए सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल होने का फैसला किया।
तटकरे ने कहा, ‘‘हम अपनी धर्मनिरपेक्ष विचारधारा तथा छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा फुले, डॉ बाबासाहेब आंबेडकर और शाहू महाराज की विचारधारा से समझौता किए बिना राजग में शामिल हुए।’’
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में पार्टी की यात्रा जारी रहेगी।
तटकरे ने पुणे में दोनों गुटों द्वारा अपना स्थापना दिवस मनाए जाने के बारे में पूछे जाने पर कहा कि राकांपा की स्थापना 10 जून 1999 को हुई थी और भारत के निर्वाचन आयोग ने पार्टी के दोनों गुटों को मान्यता दी है तथा इसलिए उन्हें अपना स्थापना दिवस मनाने का अधिकार है।
लोकसभा सदस्य ने दोनों गुटों के संभावित विलय की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि राकांपा को ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं मिला है।
अविभाजित राकांपा और कांग्रेस ने संयुक्त शिवसेना के साथ 2019 में हाथ मिलाया था और महा विकास आघाडी(एमवीए) सरकार का गठन किया था जो जून 2022 में गिर गई थी।
तब विपक्ष में रहे अजित पवार 2023 में सत्तारूढ़ भाजपा-शिवसेना गठबंधन में राकांपा विधायकों के बहुमत के साथ शामिल हो गए थे और उपमुख्यमंत्री बन गए थे।
प्रतिद्वंद्वी राकांपा गुटों ने अपने कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में पार्टी का झंडा फहराकर स्थापना दिवस समारोह मनाया।
पुणे स्थित पार्टी कार्यालय में ध्वजारोहण के समय राकांपा (एसपी) प्रमुख शरद पवार, लोकसभा सदस्य सुप्रिया सुले और अन्य पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे जबकि बालेवाडी स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज खेल परिसर में आयोजित समारोह में तटकरे, राज्यसभा सदस्य सुनेत्रा पवार और अन्य नेता शामिल हुए।
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