जरुरी जानकारी | एनसीएलएटी ने गूगल पर प्रतिस्पर्धा आयोग का फैसला कायम रखा, जुर्माना घटाया

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नयी दिल्ली, 28 मार्च अपीलीय न्यायाधिकरण एनसीएलएटी ने दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल को तगड़ा झटका देते गुए शुक्रवार को प्रतिस्पर्धा आयोग सीसीआई के इस निष्कर्ष को बरकरार रखा कि कंपनी की ऐप स्टोर नीति डेवलपरों के लिहाज से अनुचित और प्रतिबंधात्मक है।

हालांकि एनसीएलएटी ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की तरफ से गूगल पर लगाए गए 936.44 करोड़ रुपये के जुर्माने में भारी कटौती कर 216 करोड़ रुपये कर दिया।

राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने 104 पृष्ठों के अपने आदेश में कहा कि गूगल ने बाजार में अपनी प्रमुख स्थिति का दुरुपयोग किया है और कानून की धारा का उल्लंघन किया है।

हालांकि इसने यह भी कहा कि विभिन्न मापदंडों के आधार पर मोबाइल ऐप्स से 15 से 30 प्रतिशत सेवा शुल्क वसूलने में गूगल ने कोई उल्लंघन नहीं किया था।

अपीलीय न्यायाधिकरण के प्रमुख न्यायमूर्ति अशोक भूषण और तकनीकी सदस्य बरुण मित्रा की दो-सदस्यीय पीठ ने कहा कि कुछ धाराओं में गूगल का उल्लंघन साबित नहीं हुआ, लेकिन उल्लंघन के सबूत पर जुर्माना लगाया जा सकता है।

एनसीएलएटी के मुताबिक, इस आदेश के पैरा 105 में निहित गणना के अनुरूप गूगल पर लगाया गया जुर्माना संशोधित किया गया है। इस तरह पिछले तीन वर्षों के कारोबार के लिए गूगल पर लगाए गए 936.44 करोड़ रुपये के जुर्माने को संशोधित कर 216.69 करोड़ रुपये किया गया है।

एनसीएलएटी ने कहा कि चूंकि गूगल ने पहले ही वर्तमान अपील में जुर्माने का 10 प्रतिशत जमा कर दिया है, लिहाजा उसे जुर्माने की शेष राशि आज से 30 दिनों के भीतर जमा करनी होगी।

इससे पहले 25 अक्टूबर, 2022 को प्रतिस्पर्धा आयोग ने गूगल पर अपने प्ले स्टोर से जुड़ी नीतियों के संबंध में अपनी प्रमुख बाजार स्थिति का दुरुपयोग करने के लिए 936.44 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।

इस फैसले को अल्फाएट इंक और गूगल ने एनसीएलएटी के समक्ष चुनौती दी थी।

एनसीएलएटी ने अपने फैसले में सीसीआई के उस निर्देश को बरकरार रखा है कि गूगल ऐप डेवलपरों को ऐप से खरीदारी या ऐप को खरीदने के लिए किसी भी तीसरे पक्ष की बिलिंग/ भुगतान प्रसंस्करण सेवाओं का उपयोग करने की अनुमति देगा।

इसके अलावा गूगल ऐप डेवलपरों पर कोई एंटी-स्टीयरिंग प्रावधान नहीं लगाएगा और उन्हें अपने ऐप एवं पेशकशों को बढ़ावा देने के लिए उपयोगकर्ताओं के साथ संवाद करने से नहीं रोकेगा।

अपीलीय न्यायाधिकरण ने यह भी कहा है कि गूगल भारत में यूपीआई के जरिये भुगतान की सुविधा देने वाले दूसरे ऐप के साथ कोई भेदभाव नहीं करेगा।

हालांकि इसने सीसीआई के उस निर्देश को दरकिनार कर दिया जिसमें गूगल को अपने मंच पर एकत्र किए जाने वाले डेटा, ऐसे डेटा के उपयोग और डेटा को साझा किए जाने पर एक स्पष्ट और पारदर्शी नीति निर्धारित करने को कहा गया था।

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