नयी दिल्ली, पांच मई राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने महिलाओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए सोमवार को दिल्ली में पांच दिवसीय महिला महा जनसुनवाई शुरू की।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लगभग 1500 लंबित मामलों के निपटारे के लिए पूर्ण प्रशासनिक सहायता का आश्वासन दिया।
विशेष जन सुनवाई के पहले दिन उपस्थित गुप्ता ने कहा कि यह पहल राजधानी में महिलाओं के लिए समय पर न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
उन्होंने कहा, "सभी लंबित मामलों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। पूरा पुलिस और प्रशासनिक तंत्र यहां मौजूद रहेगा और लगातार सुनवाई होगी।"
गुप्ता ने आगे कहा कि सरकार जल्द ही दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) का पुनर्गठन करेगी।
उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि महिलाओं की बात अधिक प्रभावी ढंग से सुनी जाए और इसके लिए डीसीडब्ल्यू को यथाशीघ्र पूरी तरह कार्यात्मक बनाना होगा।"
इस सप्ताह निर्धारित महिला महा जनसुनवाई का उद्देश्य आयोग में पहले से पंजीकृत शिकायतों को प्राथमिकता देना तथा आने वाली शिकायतों का मौके पर ही समाधान करना है।
एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया रहाटकर, आयोग के सदस्य और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी सत्र में भाग ले रहे हैं।
इस पहल को एक "अच्छी शुरुआत" बताते हुए गुप्ता ने कहा कि यह उन असंख्य महिलाओं के लिए आशा की किरण है, जो न्याय की प्रतीक्षा कर रही हैं।
उन्होंने आयोग के प्रयासों को समर्थन देने के लिए दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया।
एनसीडब्ल्यू अधिकारियों के अनुसार, सुनवाई में पहले से प्रस्तुत शिकायतों को प्राथमिकता दी जाएगी, लेकिन आने वाले मामलों को भी समान तत्परता के साथ निपटाया जाएगा और जहां भी संभव होगा, उन्हें मौके पर ही हल करने का प्रयास किया जाएगा।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष एनसीडब्ल्यू में दर्ज शिकायतों की संख्या के मामले में उत्तर प्रदेश के बाद दिल्ली दूसरे स्थान पर है।
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