देश की खबरें | नासिक बस दुर्घटना में बचे लोगों ने बयां किया भयावह मंजर

नासिक, आठ अक्टूबर महाराष्ट्र के नासिक शहर में शनिवार तड़के ट्रक से टक्कर के बाद जलती हुई बस से आखरी क्षणों में बाहर निकल आई अनीता चौधरी और उनकी बेटी खुशनसीब रही क्योंकि दोनों की जान बच गई। हालांकि कई अन्य यात्रियों का भाग्य ने साथ नहीं दिया और उनकी इस हादसे में मौत हो गई।

अधिकारियों ने बताया कि हादसा सुबह लगभग सवा पांच बजे नासिक-औरंगाबाद राजमार्ग पर नांदुर नाके पर उस समय हुआ जब पूर्वी महाराष्ट्र के यवतमाल से मुंबई जा रही निजी बस एक ट्रक से टकरा गई। इस हादसे में कम से कम 11 यात्रियों की मौत हो गई जबकि 38 अन्य घायल हुए हैं।

राज्य के वाशिम जिले की रहने वाली चौधरी ने कहा, “हम बस में सो रहे थे, तभी हमें तेज आवाज सुनाई दी। बस में आग लग गई। किसी तरह मैं अपनी बेटी के साथ बस से बाहर निकलने में कामयाब रही। हम भाग्यशाली हैं कि हम बच गए।”

एक अन्य यात्री, पिराजी धोत्रे ने कहा कि वह अपने संबंधियों के साथ बस में यात्रा कर रहा था।

यवतमाल जिले के रहने वाले धोत्रे ने कहा, “जिस समय दुर्घटना हुई, उस वक्त हम सो रहे थे। सौभाग्य से, हम उठ गए और जब हमने देखा कि बस में आग लग गई है, तो तुरंत बस से बाहर की ओर भागे। दुर्घटना में मेरे एक संबंधी को चोटें आई हैं।”

जिस इलाके में दुर्घटना हुई उस इलाके में रहने वाले लोगों ने कहा कि उन्होंने तेज आवाज सुनी और वे यह जानने के लिए अपने घरों से बाहर निकल आए कि क्या हुआ है।

उनमें से कुछ ने कहा कि जब तक वे मौके पर पहुंचे तब तक आग बस में फैल चुकी थी। आग इतनी भीषण थी कि वे अंदर फंसे यात्रियों की मदद के लिए वाहन के पास तक भी नहीं जा सके।

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