विदेश की खबरें | नासा ने अपने वोयाजर-2 अंतरिक्ष यान से एक बार फिर संपर्क स्थापित किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. दो हफ्ते पहले धरती से गलत कमांड भेजे जाने के कारण 'वोयाजर-2' का एंटीना पृथ्वी की विपरीत दिशा में झुक गया था, जिससे लगभग 46 साल पुराने इस अंतरिक्ष यान से संपर्क टूट गया था।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

दो हफ्ते पहले धरती से गलत कमांड भेजे जाने के कारण 'वोयाजर-2' का एंटीना पृथ्वी की विपरीत दिशा में झुक गया था, जिससे लगभग 46 साल पुराने इस अंतरिक्ष यान से संपर्क टूट गया था।

नासा के 'डीप स्पेस नेटवर्क' ने 'वोयाजर-2' के एंटीना को पृथ्वी की तरफ मोड़ने के इरादे से ऑस्ट्रेलिया के अपने विशाल रेडियो डिश एंटीना के सबसे ताकतवर ट्रांसमिटर से बुधवार को एक नया कमांड भेजा था। नासा के मुताबिक, 'वोयाजर-2' के एंटीना को महज दो डिग्री घुमाने की जरूरत थी।

एजेंसी के अनुसार, पृथ्वी से लगभग 19 अरब किलोमीटर दूर अंतरिक्ष की कक्षा में मौजूद 'वोयाजर-2' तक कमांड पहुंचने में 18 घंटे से अधिक समय लगा। उसने बताया कि यान से अगले 18 घंटे में संपर्क स्थापित हो गया और वह धरती पर संदेश भेजने लगा।

कैलिफोर्निया की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी के अधिकारियों ने कहा कि कड़ी मेहनत रंग लाई और यान से एक बार फिर डेटा प्राप्त होने लगा।

प्रोजेक्ट मैनेजर सुजैन डॉडल ने 'द एसोसिएटेड प्रेस' से कहा, "मैंने राहत की सांस ली। कुर्सी पर बैठे-बैठे मेरी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। 'वोयाजर-2' से एक बार फिर संपर्क स्थापित हो गया है।"

बाहरी सौर मंडल के रहस्यों को खंगालने के लिए 'वोयाजर-2' को पहली बार वर्ष 1977 में अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया गया था। डॉड ने कहा कि दो हफ्ते की यह अवधि संभवतः सबसे लंबी अवधि है, जब नासा को यान से कोई डेटा नहीं प्राप्त हुआ।

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