जरुरी जानकारी | नारेडको ने अटकी पड़ी रियल एस्टेट परियोजनाओं के लिये एक बारगी कर्ज पुनर्गठन की मांग की
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नयी दिल्ली, 16 जुलाई नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नारेडको) ने महामारी से प्रभावित जमीन-जायदाद के विकास से जुड़े क्षेत्र को नकदी संकट से बचाने के लिये सरकार से कर्ज के एक बारगी पुनर्गठन और अटकी पड़ी परियोजनाओं के लिये वित्त पोषण की मांग की है।
नारेडको- उत्तर प्रदेश के चेयरमैन आर के अरोड़ा की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने इस संदर्भ में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बृहस्पतिवार को मुलाकात की।
रियल एस्टेट के विकास के लिये काम करने वाले निकाय ने ऋण शोधन अक्षमता कानून के कुछ प्रावधानों को एक साल के लिये और लागू नहीं करने की भी मांग की।
नारेडको ने एक बयान में कहा कि उसने महामारी और लंबे समय तक लॉकडाउन के कारण उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए सरकार से रियल एस्टेट क्षेत्र की विभिन्न अपेक्षाओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।
अरोड़ा ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री को कोविड-19 महामारी के कारण रियल एस्टेट क्षेत्र में नकदी संकट की गंभीर स्थिति के बारे में बताया।
बयान के अनुसार, ‘‘सभी रियल एस्टेट परियोजनाएं धाराशायी होने की कगार पर हैं और उद्योग को सरकार से समर्थन नहीं मिला तो परियोजनाओं का क्रियान्वयन ठप हो जाएगा।’’
नारेडको ने वित्त मंत्री से आग्रह किया कि वे भारतीय रिजर्व बैंक को बैंकों, वित्तीय संस्थानों द्वारा दिये गये परियोजना ऋण के एक बारगी पुनर्गठन को लागू करने का निर्देश दे।
अरोड़ा ने कहा कि अटकी परियोजनाओं के लिये वित्त पोषण की जरूरत पर भी प्रतिनिधिमंडल ने चर्चा की। ऐसी 4,000 परियोजनाएं हैं, जिन्हें वित्त पोषण की जरूरत है।
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