जरुरी जानकारी | म्यामां ने कहा, नई मुद्रा नीति विदेशी निवेशकों पर लागू नहीं
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. म्यामां सरकार के दो मंत्रियों ने ‘ऑनलाइन’ बयान में कहा कि मंजूरी प्राप्त विदेशी निवेशक, दूतावास, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियां और गैर-सरकारी संगठनों को हाल में घोषित केंद्रीय बैंक के नियम से छूट है। इस नियम के तहत विदेशी मुद्रा को स्थानीय मुद्रा में बदलने की जरूरत है।
म्यामां सरकार के दो मंत्रियों ने ‘ऑनलाइन’ बयान में कहा कि मंजूरी प्राप्त विदेशी निवेशक, दूतावास, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियां और गैर-सरकारी संगठनों को हाल में घोषित केंद्रीय बैंक के नियम से छूट है। इस नियम के तहत विदेशी मुद्रा को स्थानीय मुद्रा में बदलने की जरूरत है।
विदेशी सरकारों और कारोबारी समूह ने बैंक ऑफ म्यामां की घोषणा का जोरदार विरोध किया था। घोषणा के तहत बैंकों में रखी विदेशी मुद्रा को उनकी प्राप्ति के एक दिन के भीतर क्यात (स्थानीय मुद्रर) में बदलने की जरूरत है।
इस नीति से निवेशकों के लिये जोखिम पैदा हुआ है। इस कदम का उद्देश्य संभवत: देश में विदेशी मुद्रा की कमी को दूर करना है।
उन्होंने उन रिपोर्ट और सोशल मीडिया पर कही जा रही बातों को खारिज कर दिया कि देश में ईंधन की कमी हो सकती है। हाल के दिनों में पेट्रोल पंपों पर गाड़ियों की लंबी कतारें देखी गयी हैं।
हालांकि, सैन्य सरकार के निवेश और विदेशी आर्थिक मामलों के मंत्री आंग नैंग ओ तथा सूचना मंत्री मौंग माउंग ओहन ने एक संयुक्त बयान में कहा कि हाल ही में बिजली की कटौती तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की लागत में वृद्धि, म्यामां की कमजोर मुद्रा तथा आतंकवादियों के बिजली व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की वजह से हुई है।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल एक फरवरी को म्यामां की सेना ने आंग सान सू ची को अपदस्थ कर सत्ता की बागडोर अपने हाथों में ले ली थी।
सेना के इस कदम के बाद अमेरिका तथा अन्य पश्चिमी देशों ने सेना, उनके नेताओं और परिवारों तथा सेना से संबंधित कंपनियों को लक्ष्य कर कई तरह की पाबंदियां लगायी हैं तथा अपने-अपने देशों में उनकी संपत्तियों को जब्त किया है।
एपी
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