विदेश की खबरें | मेरे बच्चे केवल प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ खाना चाहते हैं, उनमें पौष्टिक आहार की आदत कैसे डाल सकते हैं?

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. सिडनी, 23 जून (द कन्वरसेशन) अगर आपको लगता है कि आपके बच्चे अनाज, चिकन नगेट्स और पौषिक स्नैक्स खाते हैं जो लंबे समय से जारी है, तो आप अकेले नहीं हैं।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

सिडनी, 23 जून (द कन्वरसेशन) अगर आपको लगता है कि आपके बच्चे अनाज, चिकन नगेट्स और पौषिक स्नैक्स खाते हैं जो लंबे समय से जारी है, तो आप अकेले नहीं हैं।

कई बच्चे प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ सबसे ज्यादा पसंद करते हैं क्योंकि उनके लिए इन्हें खाना आसान होता है और कुछ के लिए ये एकमात्र ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जिन्हें वे खाएंगे।

यहां बताया गया है कि ऐसा क्यों है - और आप इसके बारे में क्या कर सकते हैं।

प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ और बच्चों के आहार में उनका प्रचलन :

प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ वे खाद्य पदार्थ हैं जिनकी प्राकृतिक अवस्था बदल दी गई है।

कुछ खाद्य पदार्थ का प्रसंस्करण लाभदायक है जैसे कि बैक्टीरिया को मारने के लिए दूध का पाश्चुरीकरण करना, लेकिन माता-पिता के लिए चिंता का कारण अति प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ हैं जिनमें स्वाद बढ़ाने से लेकर उन्हें ज्यादा लंबे समय तक उपयोग योग्य बनाए रखने के लिए औद्योगिक पद्धतियों का इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए इनमें शर्करा, नमक, वसा और कृत्रिम स्वाद, रंग तथा पैकेट व डिब्बों में बंद करने से जुड़ा रसायन (प्रिजर्वेटिव) मिलाया जाता है।

माता-पिता कुछ अति-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ के बारे में अच्छी तरह जानते हैं जो ‘फास्ट फूड’ और ‘जंक फूड’ हैं जिन्हें बच्चे खूब पसंद करते हैं। लेकिन ऐसे कुछ अन्य खाद्य पदार्थ भी हैं जिन्हें ‘‘स्वस्थ’’ माना जाता है लेकिन उनमें प्रिजर्वेटिव होते हैं। इनमें विभिन्न स्वाद वाली दही और मफिन शामिल हैं।

बच्चों को प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ इतने आकर्षक क्यों लगते हैं?

अति-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ को उनकी लत लगाने के लिए तैयार किया जाता है, क्योंकि उनमें मिलाई गई चीनी, नमक और वसा बच्चों के मस्तिष्क के ‘रिवार्ड सिस्टम’ को सक्रिय कर देती है, जिससे अच्छा महसूस कराने वाले रसायन निकलते हैं।

प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ बच्चों के स्वास्थ्य पर कैसे असर डालते हैं?

अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ बच्चों के स्वास्थ्य को कई तरह से प्रभावित कर सकते हैं।

पोषक तत्वों की कमी - अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ का सेवन करने वाले बच्चों के सब्जियां, फल, साबुत अनाज और वसा रहित मांस के पतले टुकड़े खाने की संभावना कम होती है, जिससे उनके आहार में फाइबर और विकास के लिए आवश्यक अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की कमी हो जाती है।

बचपन में मोटापा- अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ में कैलोरी, अस्वास्थ्यकर शर्करा, नमक और वसा की मात्रा अधिक होती है और अक्सर इसकी मात्रा पर नियंत्रण नहीं होता है, जिससे अधिक खाने को बढ़ावा मिलता है।

बीमारियां बढ़ने का खतरा - लंबे समय तक अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ खाने से दिल की बीमारी, टाइप 2 मधुमेह और कैंसर समेत कई बीमारियों का खतरा अधिक होता है।

खान-पान की अस्वास्थ्यकर आदतों को छोड़ना कठिन हो सकता है लेकिन अच्छा आहार और जीवनशैली में बदलाव, इन नकारात्मक स्वास्थ्य प्रभावों को उलट सकता है।

स्वस्थ आहार के लिए विज्ञान आधारित सुझाव :

साथ में खाना खाएं

परिवार के साथ खाना खाने का समय आपको स्वस्थ आहार का मौका देता है। खाने की मेज पर एक साथ बैठें और एक ही तरह का खाना खाएं तथा सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूर रहे ताकि सभी का ध्यान सिर्फ खाने पर हो।

खाद्य पदार्थ को सावधानी से पेश करें

शोध से पता चलता है कि बच्चों को नए खाद्य पदार्थ खाने की इच्छा से पहले आठ से दस बार उन्हें खाने की ज़रूरत होती है। इसलिए उन्हें नियमित रूप से भोजन दें, खाना चखने के लिए प्रोत्साहित करें और खाने के लिए उन पर दबाव न डालें।

परिवार के पसंदीदा व्यंजनों में विविधता लाएं

जब बच्चों की थाली में कुछ जाना-पहचाना होता है, तो वे नए खाद्य पदार्थ चखने के लिए ज़्यादा तैयार रहते हैं।

भोजन को मज़ेदार बनाएं

जब स्वस्थ भोजन को मज़ेदार तरीके से परोसा जाता है तो बच्चे सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हैं, इसलिए उनकी रुचि बनाए रखने के लिए उनकी प्लेट में अलग-अलग रंग, बनावट और आकार के आहार शामिल करें।

बच्चों को भोजन पकाने की प्रक्रिया में शामिल करें

बच्चों को खाना बनाने में शामिल करके उनकी रुचि स्वस्थ भोजन में जगाएं। उन्हें व्यंजन चुनने दें और उम्र के हिसाब से मिश्रण बनाने और सब्जियां काटने जैसे काम करने दें।

कोई आदत डालने में लगभग दो महीने लगते हैं, इसलिए इस दौरान प्रतिरोध की अपेक्षा करें। लेकिन दृढ़ता के साथ, हम बच्चों के प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ के प्रति प्रेम को स्वस्थ विकल्पों की ओर मोड़ सकते हैं, जिससे उन्हें जीवन भर के लिए स्वस्थ खाने की आदतें बनाने में मदद मिलेगी।

द कन्वरसेशन

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

Australia Women vs India Women, 1st T20I Scorecard: सिडनी में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को 21 रनों से हराया, सीरीज में बनाई 1-0 की बढ़त; यहां देखें AUS W बनाम IND W मैच का स्कोरकार्ड

India vs Pakistan, T20 World Cup 2026 27th Match Key Players To Watch Out: टीम इंडिया बनाम पाकिस्तान के बीच आज खेला जाएगा हाईवोल्टेज मुकाबला, इन दिग्गज खिलाड़ियों पर होगी सबकी निगाहें

USA vs NAM, T20 World Cup 2026 26th Match Scorecard: चेन्नई में यूएसए ने नामीबिया के सामने रखा 200 रनों का टारगेट, संजय कृष्णमूर्ति ने खेली आतिशी पारी; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड

India vs Pakistan, T20 World Cup 2026 27th Match Pitch Report: कोलंबो में टीम इंडिया के बल्लेबाजों की चलेगी आंधी या पाकिस्तान के गेंदबाजों का होगा बोलबाला, मैच से पहले जानें पिच रिपोर्ट

\