जरुरी जानकारी | सरसों, मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल और बिनौला तेल में सुधार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. आवक घटने और मांग निकलने के कारण देश के तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को सरसों तेल-तिलहन, मूंगफली तेल-तिलहन के दाम में सुधार आया। नगण्य उपलब्धता के बीच हल्की मांग की वजह से बिनौला तेल तथा हल्की मांग बढ़ने से सोयाबीन तेल कीमत में भी सुधार आया। दूसरी ओर सोयाबीन तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल के दाम पूर्वस्तर पर बने रहे।
नयी दिल्ली, 17 मई आवक घटने और मांग निकलने के कारण देश के तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को सरसों तेल-तिलहन, मूंगफली तेल-तिलहन के दाम में सुधार आया। नगण्य उपलब्धता के बीच हल्की मांग की वजह से बिनौला तेल तथा हल्की मांग बढ़ने से सोयाबीन तेल कीमत में भी सुधार आया। दूसरी ओर सोयाबीन तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल के दाम पूर्वस्तर पर बने रहे।
सूत्रों ने कहा कि मंडियों में सरसों की आवक घटकर 3.60 लाख बोरी रह गई है जबकि आम तौर पर विगत वर्षो में इस दौरान 8-10 लाख बोरी सरसों की आवक होती थी। आवक की कमी के बीच आगामी बरसात के मौसम में अचार बनाने वाली कंपनियों की हल्की मांग निकलने से सरसों तेल-तिलहन कीमतों में सुधार आया।
उन्होंने कहा कि छोटी तेल पेराई मिलों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि उन्हें थोक में कम दाम पर टैंकरों के लिए सरसों तेल की आपूर्ति करनी होती है। कच्ची घानी की बड़ी तेल मिलें खुदरा में कहीं मंहगे दाम पर अपना माल बेचती हैं जिससे उन्हें अपेक्षाकृत अधिक फायदा होता है। कम उपलब्धता के बीच हल्की फुल्की मांग के कारण बिनौला तेल कीमत में भी सुधार देखने को मिला।
सूत्रों ने कहा कि मूंगफली पहले से एमएसपी से 15-16 प्रतिशत नीचे दाम पर बिक रही है। नीचे दाम पर मांग निकलने से मूंगफली तेल तिलहन में मामूली सुधार आया। वहीं हल्के खाद्यतेलों में सूरजमुखी और सरसों के मंहगा होने की वजह से सोयाबीन तेल पर लिवाली का अधिक दवाब है जिससे सोयाबीन तेल कीमतों में भी सुधार आया। हालांकि, सोयाबीन का हाजिर दाम अभी भी एमएसपी से लगभग 8-10 प्रतिशत नीचे है।
सूत्रों ने कहा कि नेफेड की एमएसपी से नीचे दाम पर जारी बिकवाली से बीच सोयाबीन तिलहन, गिरावट के बावजूद मंहगे दाम वाले पाम-पामोलीन की मांग प्रभावित रहने के बीच सीपीओ और पामोलीन तेल के दाम पूर्वस्तर पर स्थिर रहे।
सरकार को इस बात की ओर ध्यान देना होगा कि लगभग एक माह बाद या उसके आसपास बिजाई होने वाले सोयाबीन एवं मूंगफली की बिजाई पूरी होने तक नेफेड, सोयाबीन और मूंगफली की कमजोर दाम पर बिकवाली रोक दे जिससे किसानों का मनोबल बरकरार रखा जा सके और वे इनकी खेती और उत्पादन बढ़ाने की ओर अधिक प्रयास कर सकें।
तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 6,525-6,600 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 5,775-6,150 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 14,150 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,260-2,560 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 13,850 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,445-2,545 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,445-2,580 रुपये प्रति टिन।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,250 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,100 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,250 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 11,775 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,350 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,100 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 12,000 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 4,450-4,500 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 4,200-4,250 रुपये प्रति क्विंटल।
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