देश की खबरें | मुंबई ट्रेन विस्फोट: उच्च न्यायालय की फटकार के बाद महाराष्ट्र सरकार ने सुनवाई के लिए अभियोजक को नियुक्त किया
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मुंबई, आठ सितंबर बंबई उच्च न्यायालय की फटकार के बाद महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि उसने 2006 में मुंबई में हुए सिलसिलेवार ट्रेन विस्फोट मामले के दोषियों की ओर से दायर अपील और मौत की सजा की पुष्टि से संबंधित कार्यवाही के लिए वरिष्ठ वकील राजा ठाकरे को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया है।
न्यायमूर्ति एन डब्ल्यू साम्ब्रे और न्यायमूर्ति राजेश पाटिल की खंडपीठ ने इस मुद्दे पर ‘गंभीरता नहीं दिखाने’ के लिए बुधवार को सरकार की खिंचाई की थी।
पीठ को शुक्रवार को सूचित किया गया कि सरकार का प्रतिनिधित्व करने के लिए ठाकरे को विशेष अभियोजक नियुक्त किया गया है।
अदालत ने कहा कि वह पांच अक्टूबर से दैनिक आधार पर इन याचिकाओं पर सुनवाई शुरू करेगी।
दोषियों में से एक का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने अनुरोध किया कि सुनवाई दो सप्ताह बाद शुरू की जाए, लेकिन अदालत ने इस अनुरोध को अस्वीकार कर दिया।
मुंबई में लोकल ट्रेन में 11 जुलाई, 2006 को शाम के दौरान सात सिलसिलेवार विस्फोट हुए थे, जिसमें 180 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हो गये थे।
वर्ष 2006 से 2008 के बीच महाराष्ट्र पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने इस मामले में आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के 13 सदस्यों को गिरफ्तार किया था।
अदालत ने इनमें से 12 को सितंबर, 2015 में दोषी ठहराया था। इनमें से पांच को मौत की सजा सुनाई गई थी और अन्य सात को आजीवन कारावास की सजा दी गई थी जबकि एक अन्य को बरी कर दिया गया था।
राज्य सरकार ने मृत्युदंड की पुष्टि के लिए उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी। निचली अदालत द्वारा दी गई मौत की सजा की पुष्टि उच्च न्यायालय करता है।
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