देश की खबरें | मुंबई पुलिस ने सांसद मोहन डेलकर की मौत के मामले में प्राथमिकी दर्ज की

मुंबई, 10 मार्च मुंबई पुलिस ने लोकसभा सदस्य मोहन डेलकर की मौत के संबंध में केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नागर हवेली के प्रशासक प्रफुल खेडा पटेल के खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है।

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया कि दादरा और नागर हवेली से सात बार के लोकसभा सदस्य मोहन डेलकर 22 फरवरी को मुंबई के एक होटल में मृत पाए गए थे।

उनके बेटे अभिनव ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि आरोपी ने उनके पिता को ‘प्रताड़ित किया और अपमानित’ किया क्योंकि वह अनुसूचित जनजाति से ताल्लुक रखते थे।

अभिनव ने यह भी आरोप लगाया कि वे उनके पिता को चुनाव लड़ने से रोकना चाहते थे और उनके पिता द्वारा संचालित कॉलेज को नियंत्रित करना चाहते थे।

डेलकर के परिवार के सदस्य मरीन ड्राइव थाने गए थे जिसके बाद मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज की गई।

प्राथमिकी भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 306 (खुदकुशी के लिए उकसाना), 506 (धमकाना), 389 (उगाही के लिए किसी व्यक्ति को उसके विरुद्ध अभियोग लगाने का भय दिखाना) और एससी/एसटी (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम के तहत दर्ज की गई है।

प्राथमिकी में प्रफुल पटेल, स्थानीय जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक तथा अन्य को आरोपी के तौर पर नामज़द किया गया है।

अधिकारी ने बताया कि डेलकर के होटल के कमरे से पुलिस को 15 पन्नों का सुसाइड नोट मिला था, जिसे उनके लेटर हेड पर लिखा गया था। उस नोट में कुछ नामों का उल्लेख है।

महाराष्ट्र के गृह मंत्री ने मंगलवार को कहा था कि विशेष जांच दल (एसआईटी) डेलकर की कथित आत्महत्या के मामले की जांच करेगा।

देशमुख ने विधानसभा में कहा कि डेलकर के ‘सुसाइड नोट’ में लिखा था कि केन्द्र शासित प्रदेश के प्रशासक प्रफुल खेडा पटेल उन्हें परेशान कर रहे हैं।

डेलकर के बेटे और पत्नी ने मंगलवार को विधान भवन में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात भी की थी।

विधान भवन में मुलाकात के बाद दिवंगत सांसद के बेटे अभिनव डेलकर ने आरोप लगाया, ‘‘प्रशासक ने मेरे पिता को अपमानित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी थी। ब्लैकमेल और उगाही की तरकीब का भी इस्तेमाल हुआ।’’

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