विदेश की खबरें | बैसाखी मनाने के लिए 6,700 से अधिक भारतीय सिख श्रद्धालु पाकिस्तान पहुंचे
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. बैसाखी मेले में भाग लेने और खालसा पंथ की स्थापना का उत्सव मनाने के लिए 6,700 से अधिक भारतीय सिख श्रद्धालु बृहस्पतिवार को वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान पहुंचे।
लाहौर, 10 अप्रैल बैसाखी मेले में भाग लेने और खालसा पंथ की स्थापना का उत्सव मनाने के लिए 6,700 से अधिक भारतीय सिख श्रद्धालु बृहस्पतिवार को वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान पहुंचे।
बैसाखी सिखों के नए साल का प्रतीक है और 1699 में गुरु गोविंद सिंह के नेतृत्व में खालसा पंथ के गठन की याद दिलाता है। यह खालसा की 326वीं स्थापना वर्षगांठ होगी।
मुख्य समारोह 14 अप्रैल को गुरुद्वारा जन्मस्थान ननकाना साहिब में आयोजित किया जाएगा।
पाकिस्तान सरकार ने 50 वर्षों में पहली बार इस त्योहार के लिए भारतीय सिख तीर्थयात्रियों को 6,751 वीजा जारी किए हैं।
पाकिस्तान-भारत धार्मिक प्रोटोकॉल समझौता, 1974 के तहत किसी भी धार्मिक त्योहार के लिए 3,000 सिख श्रद्धालुओं को पाकिस्तान जाने की अनुमति है। हालांकि, पाकिस्तान सरकार ने धार्मिक मामलों के मंत्रालय और ‘इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड’ (ईटीपीबी) के विशेष अनुरोध पर 3,751 अतिरिक्त वीजा दिए हैं।
वाघा बॉर्डर चौकी पर पाकिस्तान के अंतरधार्मिक सद्भाव राज्य मंत्री खेल दास कोहिस्तानी, पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एवं पंजाब के अल्पसंख्यक मंत्री सरदार रमेश सिंह अरोड़ा, ईटीपीबी के सचिव फरीद इकबाल और अतिरिक्त सचिव सैफुल्ला खोखर ने सिख श्रद्धालुओं का स्वागत किया।
वाघा बॉर्डर पर पत्रकारों से बात करते हुए दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के नेता दलजीत सिंह सरना ने पहली बार इतनी बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों को वीजा जारी करने के लिए पाकिस्तान सरकार को धन्यवाद दिया और कहा कि इसने सिख समुदाय का दिल जीत लिया है।
अमृतसर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और 11 अन्य भारतीय राज्यों से तीर्थयात्री पाकिस्तान पहुंचे हैं।
पंजाब के अल्पसंख्यक मंत्री अरोड़ा ने कहा कि इतिहास में पहली बार पाकिस्तान सरकार ने सिख तीर्थयात्रियों से प्राप्त सभी आवेदनों के लिए वीजा जारी किए हैं, जिससे सिख समुदाय की देश में अपने पवित्र स्थलों की यात्रा करने की लंबे समय की इच्छा पूरी हुई है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)