देश की खबरें | विदेश में फंसे तमिलनाडु के 17,000 से अधिक लोगों को वापस लाये: केंद्र ने उच्च न्यायालय को बताया

चेन्नई, 25 जून केंद्र ने मद्रास उच्च न्यायालय को सूचित किया कि कोविड-19 वैश्विक महामारी को फैलने से रोकने के लिए लगाई यात्रा पाबंदियों के कारण विभिन्न देशों में फंसे तमिलनाउु के 17,701 लोगों को 50 विमानों के जरिए वापस लाया गया है।

विदेश मंत्रालय ने द्रमुक की याचिका पर जवाबी हलफनामे में यह बात कही है। याचिका में कोविड-19 और विमान संचालन रद्द होने के कारण विदेशों में फंसे तमिलों को वापस लाने को लेकर जानकारियां मांगी गई।

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मंत्रालय ने कहा कि विभिन्न देशों में फंसे तमिलनाडु के लोगों से स्वदेश लाने के 45,242 अनुरोध मिले।

याचिका पर बुधवार को सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति आर सुबैया और न्यायमूर्ति कृष्णन रामासामी की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई 29 जून तक के लिए स्थगित कर दी, क्योंकि मंत्रालय द्वारा दाखिल हलफनामे की प्रतियां उपलब्ध नहीं थीं।

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मंत्रालय ने बताया कि विभिन्न देशों में फंसे 4,87,303 भारतीयों से स्वदेश वापसी का अनुरोध मिला जिनमें से 2,63,187 नागरिकों को वापस लाया गया। इस अभियान के लिए कुल 1,248 उड़ानों का इस्तेमाल किया गया।

अदालत ने केंद्र को निर्देश दिया था कि वह घर लौटने के लिए विदेशों में विभिन्न भारतीय दूतावासों में पंजीकरण कराने वाले लोगों की संख्या पर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करें।

द्रमुक ने अपनी याचिका में तमिलनाडु सरकार को भारतीयों को वापस लाने के लिए विमानों के उतरने की अनुमति देने के निर्देश देने की भी मांग की थी।

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