ताजा खबरें | बजट 2047 तक भारत को विकसित बनाने के मोदी सरकार के संकल्प का ‘रोडमैप’ : भाजपा

नयी दिल्ली, 10 फरवरी राज्यसभा में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आम बजट को असाधारण रूप से सफल करार देते हुए कहा कि यह 2047 तक भारत को विकसित बनाने के नरेन्द्र मोदी सरकार के संकल्प का ‘रोडमैप’ है।

उच्च सदन में आम बजट पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा सदस्य दिनेश शर्मा ने बजट को असाधारण रूप से सफल बताया और कहा कि जल्द ही भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। उन्होंने कहा कि यह बजट शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने वाला है, जिसमें महंगाई पर काबू पाने के भी प्रयास किए गए हैं।

शर्मा ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि उसने कभी भी मध्यम वर्ग का खयाल नहीं किया और मौजूदा सरकार ने इस वर्ग को ध्यान में रखते हुए 12 लाख रुपये तक की सालाना आय को आयकर से मुक्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ने ‘रेपो दर’ में भी कमी की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि ‘रेपो दर’ में कमी के क्रमिक प्रभाव होंगे और एक ओर ऋण सस्ता होगा, वहीं बचत और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।

शर्मा ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन किए गए हैं और सरकार ने वित्तीय घाटा पर काबू पाने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राजकोषीय घाटा लगातार कम हो रहा है और संभव है कि 2030 तक भारत राजस्व अधिशेष (सरप्लस) वाला देश बन जाए।

उन्होंने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि वह भाजपा नीत सरकार पर संविधान को खत्म करने तथा आरक्षण को समाप्त करने का आरोप लगा रही थी, लेकिन दिल्ली के मतदाताओं ने अपना फैसला सुना दिया है। उन्होंने कहा कि ‘आप’ सरकार ने अपने वादों को पूरा नहीं किया, जबकि मोदी सरकार अपने वादों को पूरा करती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का अपमान किया था और जब मनमोहन सिंह योजना आयोग के उपाध्यक्ष थे, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री ने योजना आयोग को "जोकरों का समूह" कहा था। उन्होंने कांग्रेस पर राष्ट्रपति को भी अपमानित करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि यह सरकार लोगों के भोजन, इलाज, शिक्षा, आवास सहित हर चीज की चिंता करती है। उन्होंने प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक 40 करोड़ से अधिक लोग वहां डुबकी लगा चुके हैं। उन्होंने पिछले दिनों मेले में हुई भगदड़ को दुखद बताया। उन्होंने कहा कि मेले में जाति या धर्म का कोई बंधन नहीं है और समाज के विभिन्न तबकों के लोग एक साथ महाकुंभ में शामिल हो रहे हैं।

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