देश की खबरें | नियोक्ता-विशिष्ट कानून बना कर श्रमिक आंदोलन को खत्म कर रही मोदी सरकार : पटोले

मुंबई, छह जनवरी महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने शुक्रवार को कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार नियोक्ताओं को लाभ पहुंचाने और श्रमिक आंदोलन के अस्तित्व को समाप्त करने के लिए कानून बना रही है।

पटोले ने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने आजादी के बाद कई कल्याणकारी कदम उठाए और कांग्रेस ने कार्यकर्ताओं के बल पर देश को शक्तिशाली बनाया, जबकि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार इन लाभों को समाप्त करने का काम कर रही है।

पनवेल में इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) के राज्य स्तरीय सत्र को संबोधित करते हुये कहा, ‘‘नियोक्ताओं के पक्ष में कानून बना कर मोदी सरकार ने श्रमिक आंदोलन और श्रमिक प्रणाली को समाप्त कर दिया है। सरकार कृषकों के खिलाफ तीन काले कानून लेकर आयी, लेकिन किसानों के आंदोलन के कारण उन्हें इन कानूनों को वापस लेना पड़ा ।’’

पटोले ने कहा, ‘‘श्रमिकों को विभिन्न अधिकार और विशेषाधिकार देने वाले कानूनों को नियोक्ताओं के हितों की सेवा करने वाले कानूनों को लाकर बदल दिया गया है। देश की महत्वपूर्ण परियोजनायें उन गिने-चुने उद्योगपतियों को दी जा रही हैं जो केंद्र सरकार के करीबी हैं ।’’

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने दो करोड़ नौकरी देने, लोगों के खातों में 15 लाख रुपये तथा किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, इन मुद्दों को लेकर भाजपा 2014 और 2019 में सत्ता में आयी लेकिन ये वादे अब तक पूरे नहीं हुये ।

उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने मीडिया को नियंत्रित कर लिया है तथा प्रशासन और न्यायपालिका पर दबाव बना रही है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के निजीकरण के एजेंडे से श्रमिकों के अस्तित्व को खतरा पैदा हो गया है, जो भाजपा और केंद्र से असंतुष्ट तथा खफा हैं ।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)