जरुरी जानकारी | खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन मंत्रालयों ने योजनाओं के सम्मिलन के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए

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नयी दिल्ली, 17 नवंबर खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय और मत्स्य पालन, पशुपालन तथा डेयरी मंत्रालय ने बुधवार को उद्यमियों को लाभ पहुंचाने के लिए और इन दोनों क्षेत्रों में समग्र विकास के मकसद से विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के बीच परस्पर तालमेल बिठाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।

मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री पशुपति कुमार पारस की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

एक सरकारी बयान में कहा गया है कि पशुपालन एवं डेयरी विभाग (डीएएचडी) और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (एमओएफपीआई) के बीच ‘‘विभिन्न योजनाओं के बीच परस्पर तालमेल के माध्यम से डेयरी उद्यमियों / डेयरी उद्योग को लाभ पहुंचाने के लिए...’’ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

कार्यक्रम में बोलते हुए, रूपाला ने कहा कि दोनों विभागों की योजनाओं के सम्मिलन से उद्यमियों के साथ-साथ किसानों को भी लाभ होगा।

उन्होंने दोनों विभागों से इस सम्मिलन के क्रियान्वयन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने को कहा, ताकि उद्यमियों को दोनों मंत्रालयों द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ मिल सके।

रूपाला ने इस एमओयू में मत्स्य पालन से जुड़ी योजनाओं को भी शामिल करने पर जोर दिया।

पशुपालन और डेयरी विभाग के सचिव अतुल चतुर्वेदी ने कहा कि उद्यमी दोनों मंत्रालयों द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।

खाद्य प्रसंस्करण सचिव पुष्पा सुब्रह्मण्यम ने कहा कि ग्रामीण विकास और कृषि जैसे अन्य मंत्रालयों के साथ भी इसी तरह के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

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