नयी दिल्ली, 17 सितंबर वाणिज्य मंत्रालय ने भू-राजनीतिक तनावों के कारण वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रहे एमएसएमई निर्यातकों के लिए मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले 100 दिनों में कई कदम उठाए हैं।
वाणिज्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि इन उपायों में छोटी एवं मझोली इकाइयों (एसएमई) को व्यापार के बारे में सूचना और मार्गदर्शन दे्कर उन्हें सशक्त बनाने के लिए 'ट्रेड कनेक्ट ई-प्लेटफॉर्म' की पेशकश भी शामिल है।
यह मंच इन उद्यमों को वाणिज्य विभाग के साथ छह लाख से अधिक आईईसी (आयात-निर्यात कोड) धारकों, 185 भारतीय मिशन अधिकारियों और 600 से अधिक निर्यात संवर्धन परिषद सदस्यों से जोड़ेगा।
वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने यहां संवाददाताओं से कहा कि मौजूदा सरकार के पहले 100 दिनों में मंत्रालय ने निर्यातकों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं को जानने-समझने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि एमएसएमई और अन्य निर्यातकों के लिए यह पोर्टल एक ऐसा एकल बिंदु बन जाएगा जिसके जरिये वे निर्यात के लिए नए भौगोलिक क्षेत्रों की खोज कर सकते हैं।
वाणिज्य सचिव ने कहा कि एसएमई निर्यातकों को दुनिया से जोड़ने के लिए एक ई-कॉमर्स निर्यात केंद्र (ईसीईएच) विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों के लिए एक नियामकीय ढांचे की जरूरत होगी।
फिलहाल ई-कॉमर्स के जरिये देश का निर्यात लगभग पांच अरब डॉलर है जबकि समग्र अंतरराष्ट्रीय बाजार लगभग 800 अरब डॉलर का है। इसके दो लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
बर्थवाल ने कहा, "हम चाहते हैं कि दो लाख करोड़ डॉलर के बाजार का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा भारत के पास हो। हमें उम्मीद है कि अगले पांच वर्षों में हम 200 अरब डॉलर के आंकड़े तक पहुंचने में सक्षम होंगे।"
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