नयी दिल्ली, नौ मई मणिपुर के हिंसाग्रस्त चुराचांदपुर जिले में मेइती समुदाय के कई सदस्य फंसे हुए हैं। मंगलवार को यहां उनके समुदाय के सदस्यों ने यह जानकारी दी।
मेइती समुदाय के लिए काम करने वाले संगठनों ‘पीपुल्स एलायंस फॉर पीस एंड प्रोग्रेस मणिपुर’ और दिल्ली मणिपुरी सोसाइटी ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया।
पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर के प्रमुख जातीय समूह मेइती का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठनों ने कहा कि चुराचांदपुर के सनमही में 5,000 से अधिक मेइती हिंदुओं में से केवल 500 को निकाला गया है।
समूहों ने एक बयान में कहा, “बाकी लोगों को कुकी उग्रवादियों द्वारा समर्थित सशस्त्र कुकी लोगों ने बंधक बनाया हुआ है।”
उन्होंने कहा, “250 ईस्वी में खोयूम तोमपोक के शासनकाल के दौरान स्थापित मेइती समुदाय की बस्तियों में हर घर को सशस्त्र कुकी लोगों और उग्रवादियों ने जला दिया है। मेइती अपनी ही पुश्तैनी भूमि पर बेघर शरणार्थी बन गए हैं और चुराचांदपुर जिला मुख्यालय के डीसी कार्यालय में शरण लिए हुए हैं।”
उल्लेखनीय है कि तीन मई को मणिपुर में अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग को लेकर मेइती और कुकी जनजाति के लोगों के बीच हिंसा हुई थी।
राज्य के मुख्यमंत्री एन. बिरेन सिंह ने सोमवार को कहा था कि हिंसा में 60 लोगों की मौत हुई और 231 लोग घायल हो गए।
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