भुवनेश्वर, 30 अप्रैल ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार को अक्षय तृतीया के अवसर पर आयोजित ‘कृषक दिवस’ के दौरान मुख्यमंत्री किसान सहायता योजना के तहत 51 लाख किसानों को 1,025 करोड़ रुपये वितरित किए।
माझी ने यहां ओडिशा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (ओयूएटी) में आयोजित समारोह में उपमुख्यमंत्री केवी सिंह देव के साथ बटन दबाकर डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) सुविधा के माध्यम से प्रत्येक किसान के बैंक खातों में 2,000 रुपये की वित्तीय सहायता जमा की।
मुख्यमंत्री ने ‘अखी मुथी अनुकूल’ और भूमि पूजन अनुष्ठानों में भी भाग लिया।
लाभार्थियों में छोटे, सीमांत, भूमिहीन और आदिवासी किसान शामिल हैं।
माझी ने कहा कि पहली बार शहरी क्षेत्रों के 25,000 किसानों को मुख्यमंत्री किसान योजना के तहत शामिल किया गया, जो किसानों तक सरकार की पहुंच में महत्वपूर्ण विस्तार को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरतमंद किसानों को खरीफ फसल से पहले बीज, उर्वरक और अन्य आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए 2,000 रुपये दिए जा रहे हैं।
राज्य सरकार ने आठ सितंबर, 2024 को मुख्यमंत्री किसान योजना शुरू की थी, जिसका लाभ तब लगभग 46 लाख किसानों को मिला था।
इस योजना के तहत किसानों को खरीफ और रबी की फसलों की सहायता के लिए दो मौकों - अक्षय तृतीया और नुआ खाई पर प्रति वर्ष 4,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है।
माझी ने कहा, “मैं जन्म से किसान हूं और कॉलेज के दिनों में अपने पिता के साथ खेतों में काम करता था।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2024 में राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता में आने के बाद से प्रशासन किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
माझी ने कहा, “पिछली सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए विधानसभा में केवल प्रस्ताव लाकर चुप रही। हमने वादा किया था, उसे निभाया और 3,100 रुपये एमएसपी दिया। अगले पांच वर्षों में हमने लगभग एक लाख करोड़ रुपये के निवेश से 15 लाख हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है।”
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर उपखंड में ‘कोल्ड स्टोरेज’ सुविधाएं स्थापित करने के लिए कदम उठा रही है।
माझी ने कहा, “किसानों की आय बढ़ाने के लिए हम कृषि के साथ-साथ मछली पालन, पशुपालन, मुर्गी पालन और बत्तख पालन के लिए छूट के साथ आवश्यक सहायता प्रदान कर रहे हैं।”
ओडिशा में आम लोग ‘अक्षय तृतीया’ पर किसी भी काम को शुरू करने के लिए सबसे शुभ दिन मानते हैं।
किसान पारंपरिक रूप से इस दिन खेती शुरू करते हैं।
ऐसा माना जाता है कि अक्षय तृतीया पर सूर्य और चंद्रमा दोनों ही अपनी सबसे अनुकूल स्थिति में होते हैं।
राज्यपाल हरिबाबू कंभमपति भी बरहामपुर में ‘अखी मुथी अनुकूला’ समारोह में भाग लेने वाले हैं।
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