ताजा खबरें | लोस: निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर साधा निशाना, हंगामे के कारण बैठक दो बजे तक स्थगित

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नयी दिल्ली, सात अगस्त लोकसभा में सोमवार को मणिपुर के मुद्दे पर विपक्षी दलों के सदस्यों की नारेबाजी और कांग्रेस पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के आरोपों के बीच शोर-शराबे के कारण सदन की बैठक एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे शुरू होने के कुछ मिनट के भीतर अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी गयी।

सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे शुरू हुई तो विपक्षी दलों के सदस्य मणिपुर के मुद्दे पर नारेबाजी करते हुए आसन के समीप आ गये। कुछ सदस्य तख्तियां भी लहरा रहे थे।

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इस दौरान भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने दावा किया कि न्यूयॉर्क टाइम्स अखबार की एक खबर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छापों के हवाले से खुलासा किया गया है कि एक पोर्टल को भारत के खिलाफ माहौल बनाने के लिए चीनियों से किस तरह पैसे मिले और वह धन किस तरह नक्सलियों और अन्य लोगों को पहुंचाया गया।

दुबे ने आरोप लगाया कि पोर्टल का प्रमुख ‘देशद्रोही टुकड़े-टुकड़े गिरोह का’ एक सदस्य है।

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शोर-शराबा बढ़ने पर पीठासीन सभापति किरीट सोलंकी ने बैठक कुछ ही मिनट के भीतर दो बजे तक स्थगित कर दी।

इससे पहले 11 बजे सदन की कार्यवाही आरंभ होते ही विपक्षी सदस्य मणिपुर का मुद्दा उठाने लगे।

हंगामे के बीच ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराया। पर्यटन राज्य मंत्री श्रीपद नाईक ने कुछ सदस्यों के पूरक प्रश्नों के उत्तर भी दिए। इस बीच विपक्षी दलों के सदस्यों का मणिपुर मुद्दे पर जल्द चर्चा कराने और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जवाब की मांग को लेकर हंगामा जारी था।

बिरला ने विपक्षी दलों के सदस्यों से सदन चलने देने की अपील की। हंगामा नहीं थमने पर बिरला ने सदन की कार्यवाही 11 बजकर तीन मिनट पर दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

विपक्षी दलों ने पिछले सप्ताह बृहस्पतिवार को लोकसभा में ‘दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र शासन संशोधन विधेयक 2023’ पर चर्चा में भाग लिया था। सदन ने विस्तृत चर्चा और गृह मंत्री अमित शाह के जवाब के बाद इस विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। यह विधेयक दिल्ली में समूह-ए के अधिकारियों के स्थानांतरण एवं पदस्थापना के लिए एक प्राधिकार के गठन के लिहाज से लागू अध्यादेश का स्थान लेगा।

कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) के अन्य घटक दल मानसून सत्र के पहले दिन से ही मणिपुर में जातीय हिंसा के मुद्दे पर प्रधानमंत्री से संसद में वक्तव्य देने और इस मुद्दे पर चर्चा कराए जाने की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर हंगामे के कारण दोनों सदनों में कार्यवाही बार-बार बाधित हुई है।

कांग्रेस ने मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर संसद में जारी गतिरोध के बीच पिछले दिनों लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। इस पर मंगलवार (आठ अगस्त) से सदन में चर्चा होगी और 10 अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी इसका जवाब दे सकते हैं।

वैभव माधव

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