जरुरी जानकारी | उर्वरक ‘दुरुपयोग’ के मामले में पिछले छह माह में 112 इकाइयों के लाइसेंस रद्द, 30 एफआईआर दर्ज

नयी दिल्ली, नौ मई गैर-कृषि उद्देश्यों के लिए सब्सिडी वाले उर्वरकों के दुरुपयोग पर रोक लगाने की पहल के तहत सरकार ने पिछले छह माह में 370 संयंत्रों का औचक निरीक्षण किया और उल्लंघन करने वाली 112 विनिर्माण इकाइयों के लाइसेंस रद्द किए। साथ ही इस तरह के मामलों में 30 प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गईं।

उर्वरक मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 15 राज्यों में स्थित 370 इकाइयों में से 220 मिश्रण उर्वरक इकाइयों, 130 यूरिया इकाइयों, 15 एसएसपी उर्वरक इकाइयों और पांच निर्यातकों का निरीक्षण किया गया।

आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले छह महीनों के दौरान गुजरात (92), केरल (54), तमिलनाडु (40) और कर्नाटक (39) में सबसे अधिक उर्वरक इकाइयों का निरीक्षण किया गया।

रसायन एवं उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा, ‘‘दुनिया में उर्वरक संकट है। ऐसे में हमारे देश में किसानों को 2,000-2500 रुपये प्रति बैग की सब्सिडी दी जा रही है। दुरुपयोग में लगे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह वितरक हों या उपयोगकर्ता हों या आउटलेट।

उन्होंने कहा कि इन इकाइयों से लगभग 268 नमूने लिए गए, जिनमें से 120 नमूनों में सब्सिडी वाला यूरिया था, 89 नमूने घटिया थे और बाकी 59 नमूनों के परिणाम की प्रतीक्षा है।

मांडविया ने कहा कि निरीक्षण वाली 220 इकाइयों में से 112 का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। साथ ही निरीक्षण की गई 130 निर्माण इकाइयों में से 120 इकाइयों में यूरिया का दुरुपयोग यानी उसे इधर-उधर करना पाया गया।

उन्होंने कहा, "लगभग 30 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, 70,000 यूरिया बैग जब्त किए गए हैं और 11 को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत जेल भेजा गया है।"

मंत्री ने कहा कि सरकार ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) कानून का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है।

सरकार किसानों को सस्ती दरों पर मिट्टी के पोषक तत्व सुनिश्चित करने के लिए यूरिया और गैर-यूरिया उर्वरक दोनों पर सब्सिडी प्रदान करती है।

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