देश की खबरें | ‘राष्ट्र-विरोधी’ कविता मामले में कानून अपना काम करेगा : पुलिस
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पुलिस ने कथित तौर पर प्रतिबंधित संगठन का समर्थन करने वाली कविता लिखने के लिए गिरफ्तार असम की 19 वर्षीय युवती की रिहाई की मांग के बीच पुलिस ने बुधवार को कहा कि कानून अपना काम करेगा।
गुवाहाटी, 13 जुलाई पुलिस ने कथित तौर पर प्रतिबंधित संगठन का समर्थन करने वाली कविता लिखने के लिए गिरफ्तार असम की 19 वर्षीय युवती की रिहाई की मांग के बीच पुलिस ने बुधवार को कहा कि कानून अपना काम करेगा।
सोशल मीडिया पर ‘अकोउ कोरिम राष्ट्र द्रोह’ (फिर से राष्ट्र के खिलाफ बगावत करेंगे) शीर्षक से एक कविता लिखने के आरोप में गोलाघाट जिले के उरियामघाट से वर्षाश्री बोरगोहेन नाम की लड़की को गत 18 मई को गिरफ्तार किया गया था।
विशेष पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) जी.पी. सिंह ने ट्विटर पर कहा, ‘‘उनकी (वर्षाश्री) फेसबुक पोस्ट में देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए एक विशेष आह्वान है।’’
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘जब कोई सार्वजनिक रूप से प्रतिबंधित संगठन के लिए समर्थन का दावा करता है और भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की मंशा की घोषणा करता है, तो हम कानूनी रूप से उस व्यक्ति पर मुकदमा चलाने के लिए बाध्य हैं। उचित प्रक्रिया के बाद, एक सक्षम अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा। कानून को अपना काम करने दें।’’
आरोपी युवती जोरहाट के डीसीबी कॉलेज की छात्रा है और उसकी परीक्षा इस महीने के अंत में होने वाली है। उसके माता-पिता ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और पुलिस से उसे जेल से रिहा करने की अपील की है ताकि वह अपनी परीक्षा दे सके।
माता-पिता की अपील के बाद विभिन्न तबके के लोगों ने भी युवती की रिहाई की मांग की है।
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