जरुरी जानकारी | केवीआईसी ने खादी से बनी प्राकृतिक राखियां पेश कीं

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. रक्षा बंधन से पहले खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने बुधवार को ‘खादी रक्षासूत’ को पेश किया। यह यहां खादी भवन में 20 रुपये से 250 रुपये प्रति इकाई की कीमत पर उपलब्ध हैं।

नयी दिल्ली, 23 अगस्त रक्षा बंधन से पहले खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने बुधवार को ‘खादी रक्षासूत’ को पेश किया। यह यहां खादी भवन में 20 रुपये से 250 रुपये प्रति इकाई की कीमत पर उपलब्ध हैं।

केवीआईसी के अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि यह उत्पाद “पूरी तरह से प्राकृतिक है और इसमें किसी भी रसायन का उपयोग नहीं किया गया है।”

उन्होंने कहा कि राखी को उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर के ग्रामोद्योगिक विकास संस्थान द्वारा गाय के गोबर का उपयोग करके डिजाइन किया गया है। इसके अलावा, इसमें तुलसी, टमाटर और बैंगन के बीजों का भी इस्तेमाल किया गया है।

कुमार ने कहा कि जब इन्हें मिट्टी में गाड़ दिया जाएगा तो इन राखियों से तुलसी, टमाटर और बैंगन के पौधे उग सकते हैं।

केवीआईसी अध्यक्ष ने बताया कि ‘खादी रक्षासूत’ को एक प्रायोगिक परियोजना के रूप में पेश किया गया है और ये प्राकृतिक राखियां विशेष रूप से नयी दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित खादी भवन में उपलब्ध हैं।

उन्होंने कहा, “अगले साल देश भर में ‘खादी रक्षासूत’ पेश करने की व्यापक तैयारी चल रही है।”

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