कोझिकोड (केरल), 11 जनवरी केरल के कोझिकोड में हाल ही में संपन्न राजकीय स्कूल कला महोत्सव में मुस्लिमों को कथित तौर पर चरमपंथियों के रूप में दिखाने वाले एक नाटक का मंचन करने वाले एक प्रमुख रंगमंच समूह के एक पदाधिकारी ने बुधवार को कहा कि केरल के मंत्री पी. ए. मोहम्मद रियास के कुछ बयानों के बाद विवाद खड़ा हुआ।
पेरम्बरा स्थित रंगमंच समूह ‘मठ’ के पदाधिकारी कनकदास ने यह भी कहा कि वह इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कार्यक्रम के संबंध में इन चर्चाओं और बहसों की “मंशा” या “लक्ष्य” क्या हो सकता है।
उन्होंने एक टीवी चैनल से कहा, “मैं डर गया हूं कि उनका इरादा क्या हो सकता है, उनका लक्ष्य क्या हो सकता है। पुलिस ने मुझे वास्तव में सावधान रहने के लिए कहा है। मुझे पता चला है कि मेरी प्रोफाइल और अन्य विवरण विभिन्न सोशल मीडिया समूहों में प्रसारित किए जा रहे हैं।”
कनकदास ने कहा कि उनका मानना है कि तीन जनवरी को हुई प्रस्तुति के संबंध रियास के इस बयान के बाद इतना बड़ा विवाद खड़ा हुआ कि देश में एक विशेष समुदाय को चरमपंथियों के रूप में चित्रित करने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रभारी व्यक्ति का संघ परिवार के साथ कथित संबंध है तो उस विशेष कार्यक्रम की जांच की जानी चाहिए।
कनकदास ने कहा कि उनके पूरे करियर में पहली बार उन पर इस तरह के आरोप लगे हैं। उन्होंने कहा, “मैंने सभी राजनीतिक दलों के लिए कार्यक्रम किए हैं। मैंने माकपा के आयोजनों में विभिन्न पात्रों को चित्रित किया है। संघ से जो संबंध या जुड़ाव तब नहीं देखा गया था, वह अब कहां से आ रहा है? वास्तव में मैं संघ परिवार की तुलना में माकपा के ज्यादा करीब रहा हूं।”
लोगों के एक वर्ग ने आरोप लगाया था कि इस कार्यक्रम में मुस्लिम समुदाय को चरमपंथियों के रूप में चित्रित किया गया था।
विपक्षी कांग्रेस ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से माफी की मांग की, जिसके बाद केरल सरकार ने मंगलवार को इस घटना की जांच के आदेश दिए।
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