देश की खबरें | केरल फर्जी प्रमाणपत्र विवाद: एसएफआई ने नेता को किया निष्कासित
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. फर्जी प्रमाण पत्र के आरोपों को लेकर विभिन्न हलकों से हमले का सामना कर रहे स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने मंगलवार को अपने नेता निखिल थॉमस को संगठन की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया।
तिरुवनंतपुरम, 20 जून फर्जी प्रमाण पत्र के आरोपों को लेकर विभिन्न हलकों से हमले का सामना कर रहे स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने मंगलवार को अपने नेता निखिल थॉमस को संगठन की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया।
एसएफआई सत्तारुढ़ माकपा की छात्र इकाई है।
निष्कासन की घोषणा एसएफआई के राज्य सचिव पीए अर्शो ने की।
उन्होंने एक बयान में कहा कि थॉमस ने कुछ ऐसा किया है जो एसएफआई कार्यकर्ता को कभी नहीं करना चाहिए।
कायमकुलम स्थित एमएसएम कॉलेज में वामपंथी छात्र संगठन के पूर्व नेता थॉमस पर संस्था में प्रवेश पाने के लिए फर्जी प्रमाणपत्र जमा करने के आरोप लगे हैं।
केरल स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) का आरोप है कि थॉमस ने “फर्जी डिग्री प्रमाणपत्र” जमा करने के बाद उसी कॉलेज में एम. कॉम में प्रवेश हासिल किया था।
कांग्रेस के छात्र संगठन केएसयू का दावा है कि थॉमस एमएसएम कॉलेज में बी. कॉम डिग्री पाठ्यक्रम में फेल हो गया था लेकिन एम. कॉम में प्रवेश के दौरान उसने छत्तीसगढ़ में कलिंगा विश्वविद्यालय का एक प्रमाण पत्र प्रदान किया।
इस बीच, विपक्षी कांग्रेस और भाजपा ने फर्जी अंकसूची और प्रमाण पत्र विवाद को लेकर सत्तारूढ़ माकपा व एसएफआई के खिलाफ आज अपना हमला जारी रखा और उन पर दक्षिणी राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र को पूरी तरह से नष्ट करने का आरोप लगाया।
भाजपा ने आरोप लगाया कि वाम सरकार दुनिया के सामने राज्य का अपमान कर रही है और केरल में वर्तमान स्थिति यह है कि कोई भी व्यक्ति किसी भी कॉलेज में किसी भी पाठ्यक्रम का अध्ययन कर सकता है यदि उसके पास जाली दस्तावेज हैं।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने कहा कि सत्ता पक्ष के अनुचित हस्तक्षेप के कारण कॉलेज और विश्वविद्यालय के अधिकारी शिकायत के ऐसे किसी भी मामले में कार्रवाई नहीं कर सके।
उन्होंने कहा कि यहां तक कि कॉलेज प्रबंधन ने भी माना कि मार्क्सवादी पार्टी नेतृत्व की सिफारिशों के कारण उन्हें एसएफआई नेता को प्रवेश देने के लिए मजबूर होना पड़ा।
सुरेंद्रन एमएसएम कॉलेज के प्रबंधक द्वारा विवादास्पद रहस्योद्घाटन का उल्लेख कर रहे थे कि निखिल थॉमस को एक माकपा नेता की सिफारिश के तहत प्रवेश दिया गया था।
इस बीच कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर मार्क्सवादी पार्टी को घेरा है। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन ने कहा कि आने वाले दिनों में राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में परीक्षा संबंधी और गड़बड़ी सामने आएंगी।
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